हल्की बारिश के आसार, प्रकृति के साथ खिलवाड़ से बदला मौसम का मिजाज
महासमुंद। मई का दूसरा सप्ताह चल रहा है, तापमान अब 40 डिग्री पर है जबकि इन दिनों गत वर्ष 42 डिग्री था। हालांकि पिछले दो दिनों से मौसम साफ है लेकिन इसके पूर्व मौसम में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला था। आंधी तूफान के साथ बारिश भी हुई। इसकी वजह से इस बार लोगों को गर्मी का एहसास भी नहीं हो रहा है। मौसम के जानकारों की मानें तो प्रकृति से किए गए खिलवाड़ का ही नतीजा है, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ा है। यही का कारण है कि जेठ की इस गर्मी में आषाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। मौमस में बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर तो पड़ेगा। लेकिन इसका सबसे अधिक नुकसान किसानों को हो रहा है। बीते कुछ दिनों से मौसम में आए बदलाव के चलते बारिश और ओले की वजह किसानों की रबी फसल प्रभावित हुई है।
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार अभी प्रदेश को प्रभावित करने वाले दो मौसमी तंत्र स्थित है। एक उत्तर राजस्थान से उत्तर छग तक द्रोणिका 0.9 किमी उंचाई पर स्थित है। दूसरी द्रोणिका दक्षिण विदर्भ से दक्षिण तमिलनाडू तक स्थित है। प्रदेश में बहुत अधिक मात्रा में बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है जिसके अनेक स्थानों पर हल्की मध्यम वर्षा होने की संभावना है। हालांकि इससे तापमान में किसी तरह के परिवर्तन नहीं होने की संभावना है।




