कलेक्टर ने की अपील, एसपी ने चेताया और सिविल सर्जन ने शुरू करा दी तंबाकू निषेध तलाशी
महासमुंद। लॉकडाउन के दिनों में भी जिले में तंबाकू नियंत्रण का कार्य प्रगति पर है। इस ओर, कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने वीडियो जारी कर आमजन से अपील की है कि तंबाकू उत्पादों का सेवन जानलेवा है और विश्व तंबाकू निषेध दिवस से तंबाकू सेवन का त्याग करें। उन्होंने अपने माहतत् अधिकारी-कर्मचारियों के साथ तंबाकू नशा उन्मूलन की शपथ लेकर संदेश प्रेषित किया है। साथ ही पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर भी इस अभियान में बढ़ावा देने के लिए शामिल हो गए हैं। इसी तरह, एसपी ठाकुर ने भी वीडियो के जरिए तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री करने वालों को विराम लगाने के लिए कहा है। उन्होंने, आगाह किया है कि वर्तमान में जिले में महामारी अधिनियम 1897 लागू है, जिसके तहत छापामार कार्रवाई जारी है, आगे भी इसका पालन कड़ाई से करवाया जाता रहेगा।
इसी तारतम्य में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जिला इकाई का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा एसपी वारे और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डा आरके परदल ने मंगलवार 02 जून 2020 को जिला चिकित्सालय को तंबाकू मुक्त परिसर घोषित कर दिया। इस दौरान सिविल सर्जन डा परदल ने चिकित्सालय परिसर के समस्त प्रवेश एवं निकासी द्वारों में तंबाकू निषेध पेटियां रखवाईं और सुरक्षाकर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी, कि वे परिसर में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों की दैनिक रूप से जमा-तलाशी लें। जिस किसी के पास भी तंबाकू युक्त पदार्थ जैसे सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, गुड़ाखू व शराब इत्यादी पाए जाएंगे, तत्काल जब्त कर लिए जाएंगे। यहां, महामारी अधिकनियम के अलावा कोट्पा अधिकनियम 2003 भी यथावत लागू रहेगा। नियम तोडऩे वालों पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद चिकित्सालय में सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए तंबाकू उत्पाद लेकर प्रवेश नहीं करने की शपथ ली गई।
इस दौरान सीएमएचओ डॉ. वारे, सिविल सर्जन डॉ. परदल, ब्लड बैंके के अधिकारी डा वीपी अग्रवाल सहित अस्पताल सलाहकार डा निखिल गोस्वामी, क्षय रोग कार्यक्रम के जिला समन्वयक उत्तम वास, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता मेघा रानी ताम्रकार सहित चिकित्सकगण, नर्सिंग व कार्यालयीन कर्मचारी सहित सामाजिक कार्यकर्ता असीम वास्तव उपस्थित थे।




