कोरोना: शहर के चुनिंदा स्थानों पर विराजे गणपति महाराज
रायपुर। शनिवार 22 अगस्त से प्रारंभ हुए गणेशोत्सव के आज तीसरे दिन भी गणेश पंडालों में भक्तों की संख्या काफी कम है। कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर शासन-प्रशासन द्वारा जारी कड़े नियमों व दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शहर के गिने-चुने इलाकों व चौक-चौराहों में भी इस वर्ष गणेश जी की प्रतिमाएं स्थापित की गई है।
राजधानी में गत वर्ष इन दिनों मेला जैसा माहौल होता था। लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते सभी तीज-त्योहारों का मजा फीका हो गया है। जन्माष्टमी जैसा उत्साह का पर्व शांति के साथ गुजर गया। लोग कोरोना के खौफ के चलते अपने-अपने घरों में दुबके रहे। वर्तमान में शनिवार से प्रारंभ हुए गणेशोत्सव का रंग भी इस वर्ष चढ़ता नजर नहीं आ रहा है। इसका प्रमुख कारण कोरोना संक्रमण का खतरा है। शासन-प्रशासन द्वारा जारी सख्त दिशा-निर्देशों के मध्य शहर के गिने-चुने इलाकों व चौक-चौराहों में ही गणपति जी की प्रतिमाएं स्थापित हो पाई हैं। गणेशोत्सव समितियों ने सख्त नियमों के चलते इस वर्ष सार्वजनिक उत्सव से दूरी बना ली है। कुछ चुनिंदा समितियों ने ही सालों की परंपरा को अखंड बनाए रखने के लिए इस वर्ष गणेश प्रतिमाएं स्थापित की है। शासन के निर्देशानुसार इस वर्ष कहीं पर भी 4-5 फीट से ऊंची प्रतिमाएं स्थापित नहीं की गई है। वहीं भव्य रूप से सजने वाले पंडालों के आकार भी छोटे कर दिए गए हैं। पंडालों के बाहर दर्शकों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने व सेनेटाइजर की व्यवस्था के बाद कुछ चुनिंदा इलाकों में ही गणेश पंडालें सज पाई हैं। गणेश उत्सव के आज तीसरे दिन भी पंडालों में अपेक्षाकृत श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम नजर आ रही है। वहीं पंडालों के अंदर भी गणेश उत्सव समितियों के केवल गिने-चुने सदस्य ही उपस्थित रहते हैं। इस तरह जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए शहर में गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। इस वर्ष विसर्जन झांकी की अनुमति मिलेगी अथवा नहीं, इस बात को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हो पाया है।




