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यूपी के फर्म्स का डायरेक्टर भिलाई में हुआ जमीन खरीदी में धोखाधड़ी का शिकार

यूपी के फर्म्स का डायरेक्टर भिलाई में हुआ जमीन खरीदी में धोखाधड़ी का शिकार
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भिलाई । जिस जमीन का राजस्व अभिलेख में कही रिकार्ड ही नही है, उसे दिखाकर तीन लोगों ने सौदा तय कर बेंच डाला। हद तो तब हो गई जब बकायदा इस जमीन की रजिस्ट्री भी करा दी गई। पीडि़त पी राजू पिता पी वेंकट राव निवासी सेक्टर 4 को इसकी भनक तब लगी जब उनके द्वारा प्रमाणीकरण कराने के लिए आवेदन पटवारी टिकमचंद सोनी को दिया, तब उन्हें अपने साथ हुए धोखाधड़ी का पता चला। 42 लाख 65 हजार रूपये की ये जमीन का ये मामला है राजस्व अभिलेख में क्रय की गई जमीन का कहीं रिकार्ड नही है। इस मामले में कांग्रेस और भाजपा और एक अन्य के विरूद्ध सुपेला पुलिस में प्रार्थी की रिपोर्ट पर धारा 420 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
आज इस मामले की पीडि़त यूपी की हाईटेक इंजीनियरिंग फम्र्स के डायरेक्टर पी राजू ने बताया कि हमारी फर्म हाईटेक इंजीनियरिंग जो कि सोलर की क्षेत्र में कार्य करती है। उसके कार्यालय के लिए हम लंबे समय से जमीन की तलाश कर रहे थे, ताकि हमारा स्थाई कार्यालय हो, इस बीच हमारी मुलाकात कांग्रेस नेता अनिल शुक्ला से हुई। उन्होंने बताया कि नेहरू नगर से लगा हुआ विद्याविहार में रोड से लगा हुआ कातुल बोर्ड के वार्ड क्रमांक 60 के मुख्यमार्ग पर स्थित 1872 वर्गफीट जमीन का प्लाट जिसका खसरा नंबर 144/82 के रूप में दिखाया गया, जिसे वह 35 लाख रूपये में देंगे। हमारे द्वारा बैंक लोन आईसीसीआई नेहरू नगर ब्रांच से बी-1,बी-2 नक्शा देखकर 37 लाख का लोन पास करा लिया गया। प्रमाीणकरण के लिए मौके पर जब गये तो पता चला कि कि न रोड है, और ना ही प्लाट है, प्लाट कहां है, वह अभी भी जांच का विषय है। अनिल शुक्ला ने अपने व्हाटसएप चैट में दर्शाया है कि 1750 वर्गफीट का पैसा ही हमे आपको देना है और में 1872 वर्गफीट का हम रजिस्ट्री करके देंगे। मेरे द्वारा अनिल शुक्ला के घर पर 3 नंवबर 2020 को 2 लाख 77 हजार 944 का चेक दिया, 25 हजार का चेक दिया और 35 हजार रूपये बाउण्ड्री के नाम से भी उनको पैसा दिया। विद्या विहार में वह जमीन संजय सिंह ठाकुर बजरंग पारा कोहका निवासी के नाम से बताई गई थी। इस मामले में अनिल शुक्ला विद्या विहार नेहरू नगर निवासी संतोष अग्रवाल, उत्तर वसुंधरा नगर भिलाई 3 और संजय सिंह ठाकुर बजरंग पारा कोहका ने हमे गत 31 मार्च 2021 को यह कहा कि हम आपका पैसा लौटा देंगे आप एफआईआर मत करो। हमें आरटीजीएस का चेक भी दिखाया गया। 30 जुलाई को 2021 को संजय सिंह का एक चेक 43 लाख 50 हजार का हमे दिया गया और हमें यह कहा गया कि हम ऑनलाईन ट्रांसफर कर देंगे, हमें आप अपना बैंक डिटेल दें। पी राजू ने आगे बताया कि जमीन खरीदी बिक्री के इस फर्जीवाड़े में मुझे पैसा तो आज तक नही मिला लेकिन इन तीनों ने मेरा फोन उठाना बंद कर दिया, इस मामले को लेकर मैं पिछले सात माह से पुलिस विभाग के चक्कर लगा रहा था, वर्तमान एसपी प्रशांत अग्रवाल व एएसपी संजय ध्रुव का मै आभारी हूं कि उन्हेांने मेरी शिकायत व दस्तावेजी प्रमाण को पुख्ता मानते हुए इस मामले में एफआईआर के निर्देश दिये। पुलिस ने जमीन जो सरकारी नक्शे में रोड अंकित नही है,नक्शा देखकर इस मामले में तीनों के विरूद्ध दर्ज किया है, पुलिस प्रशासन से मेरी मांग है कि तीनों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द हो ताकि कोई अन्य व्यक्ति इनके चंगुल में फंसकर धोखाधड़ी का शिकार न हो। मैँ अपना कार्यालय पिछले वर्ष अक्टूबर में ही जमीन खरीदकर बनाना चाहता था, लेकिन हमारे साथ हुए जमीन घोटाले में हमारी फर्म को इन तीन लोगों ने चुना लगा दिया। इन्होंने हमें ऑफिस के लिए रोड किनारे की जगह दिखाई, सौदा किया, रजिस्ट्री भी हुई, लेकिन सीमांकन के समय जमीन मौके पर मिली और ना ही रोड मिली। इस मामले में पटवारी टिकम चंद सोनी भी हमें सही जानकारी न देकर गुमराह करते रहा। जब भी हम इन लोगों से पैसे की मांग किये तो इन्होंने हमे धमकाया और कहा कि जाओ तुमको जो करना है कर लो, पैसा नही लौटाऐंगे।
 



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