2 स्कूली छात्राओं की मौत को दबाने का किया गया प्रयास, मोरठपाल कन्या आश्रम पहुचे जांच के लिए तहसीलदार
जगदलपुर। शहर से लगे बड़े मोरठपाल आश्रम में एक बार फिर हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही से 02 स्कूली छात्राओं की मौत हो गई। मृत छात्राओं में सोनिया कडती जो की 11वीं कक्षा में अध्यनरत और राजुर गांव की रहने वाली थी, जिसकी मृत्यु 02 फरवरी को हो गई थी। वहीं दूसरी छात्रा पार्वती कश्यप 12वीं कक्षा में पढ़ती थी, और भैरमगढ़ के तालनार गांव की रहने वाली थी, जिसकी मृत्यु 27 फरवरी को हो गई थी। दोनो स्कूली छात्राओं की मृत्यु होने के कई दिनों बाद आश्रम अधीक्षिका ने इस मामले की जानकारी देने के बाद मामले के तूल पकडऩे से कल मोरठपाल आश्रम मे तहसीलदर जांच के लिए पहुचे। 02 स्कूली छात्राओं की मौत के मामले को दबाने का पूरा प्रयास किया गया था। लेकिन मामले के बारे में मीडिया की खोज खबर से यह मसला उजागर हो गया।
उल्लेखनिय है कि छात्राओं की मौत के 02 सप्ताह के बाद गुरुवार को तोकापाल तहसीलदार और खंड स्वास्थ्य अधिकारी जांच के लिए बड़े मोरठपाल कन्या आश्रम पहुंचे हैं। तोकापाल तहसीलदार राहुल गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों ही छात्रा बड़े मोरठपाल के कन्या आश्रम में रहकर पढ़ाई करती थी। 02 फरवरी को सोनिया कडती 11वीं कक्षा की छात्रा की मौत हो गई थी। वहीं 27 फरवरी को पार्वती कश्यप नाम की 12वीं कक्षा की छात्रा की मौत हो गई थी। स्टॉफ से पूछताछ करने पर पता चला कि छात्रा कई दिनों से बीमार थी। उसका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया था, लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव आया और हालत बिगड़ते देख आश्रम अधीक्षिका ने उसे घर जाने को कहा और छुट्टी दे दिया। घर जाने के दूसरे दिन उसे जगदलपुर डिमरापाल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। तहसीलदार ने बताया कि आश्रम अधीक्षिका ने उन्हें इस मामले की जानकारी कई दिनों बाद दी, वे जांच के लिए पहुंचे हुए हैं। जांच रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपी जाएगी।
इस मामले को लेकर भाजपा के विधानसभा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि बड़े मोरठपाल में जिस तरह से इलाज के अभाव में बच्चों की मौत हुई है, वह काफी दुखदाई है और इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, साथ ही छात्राओं को मुआवजा भी दिया जाना चाहिए।




