पहली प्राथमिकता पत्रकारों की सुरक्षा चाहे वो कही के भी पत्रकार हो: विकास उपाध्याय
रायपुर। पत्रकार सतीश यादव और कमल शुक्ला पर कथित हमले की जांच करने गए रायपुर विधायक व गृह विभाग में संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रभावी पत्रकार सुरक्षा क़ानून शीघ्र लागू होने जा रही है। भूपेश सरकार की शुरू से ही पहली प्राथमिकता पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर रही है, चाहे वो पत्रकार मावोवादी प्रभावित बस्तर इलाक़े के हों या मैदानी शहरी क्षेत्र के।
विकास उपाध्याय ने साफ शब्दों में कहा जो लोग सरकार पर हमलावरों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं वह सरासर गलत व बेमानी है और इस बात को स्वयं हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी स्पष्ट कर चुके हैं। विकास उपाध्याय ने इस बात को दोहराया कि सत्ता में आने के बाद हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकार सुरक्षा क़ानून लागू करने का वादा किया था, जिसे कानूनी रूप देने कार्य अंतिम छोर पर है और बहुत जल्द यह कानून आपके बीच होगा जिसका इंतजार आप सभी को है । उन्होंने आज की जाँच को लेकर कहा गुनहगार किसी भी सूरत में बख्से नहीं जाएंगे। इस संबंध में सभी पहलुओं को बारीकी से जाना व देखा है। सभी पक्षों से जानकारी भी ली है।जिसका जाँच प्रतिवेदन कमेटी के सभी सदस्य तैयार कर प्रदेश कांग्रेस को सौंप देंगे।
आपको बता दे की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कांकेर जिला मुख्यालय में वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला के साथ हुई मारपीट एवं दुर्वव्यवहार पर जांच हेतु पत्रकारों के उच्च स्तरीय जांच दल के गठन के आदेश राज्य शासन ने जारी कर दिए हैं। उच्च स्तरीय जांच दल 10 दिनों के भीतर अपना जांच प्रतिवेदन राज्य शासन को सौंपेगा।
राजेश जोशी, संपादक नवभारत रायपुर की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय जांच दल के अन्य सदस्य रूपेश गुप्ता संवाददाता स्वराज एक्सप्रेस , शगुफ्ता सिरीन सहायक संपादक राष्ट्रीय हिंदी मेल,अनिल द्विवेदी संपादक आज की जनधारा ,सुरेश महापात्र संपादक बस्तर इम्पेक्ट एवं राजेश शर्मा ब्यूरो चीफ भास्कर, कांकेर होंगे।




