वन विभाग की खुली पोल: विभाग के अफसरो के इशारे पर होता है अवैध लकड़ियों का कारोबार
बिलासपुर। बिलासपुर स्तिथ कोटा थाना में प्रशिक्षु आईपीएस गौरव राय के प्रभार लेने के बाद दो नंबर के कार्य करने वालों में हड़कंप मचा गया हैं। आईपीएस अधिकारी गौरव राय व कोटा पुलिस की कोटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत लमकेना मे अवैध रूप से रखे गए लाखों रुपए की इमारती लकड़ियों की सूचना पर छापामार कार्यवाही की गई। प्रशिक्षु आईपीएस की इस कार्यवाही से लमकेना ग्राम में हड़कंप मच गया है। कार्यवाही के दौरान मामले में शामिल अन्य लकड़ी तस्करी में शामिल लोग वहा से फरार हो गए। मामले में कोटा-पुलिस कार्यवाही के दौरान 3 से 4 ग्रामीण के घर से इमरती लकड़ियों से बने पलंग-फर्नीचर सहित लगभग 5 लाख रुपए के चिरान-सिलपट बरामद किए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण के घर से लकड़ी काटने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित आरा-मशीन भारी संख्या में बरामद की गई है।
ज्ञात हो कि इमरती इससे पूर्व में भी लमकेना ग्राम में कोटा वन विभाग ने सालों पहले कोटा पुलिस के सयुंक्त छापामार कार्यवाही में भारी मात्रा में इमरती लकड़ियों सहित लकड़ी काटने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित आरा मशीन बरामद की गई थी।
यहा तक सूचना प्राप्त हुई थी, कि उस समय के छापामार कार्यवाही के दौरान लकड़ी के बुरादे भारी मात्रा में पड़े हुए थे, अगर उसे भी जप्त किया जाता तो ट्रक भर जाता, लमकेना व आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी पैमाने में इमरती लकड़ी की कटाई व तस्करी लगातार जारी है। ये करवाई को देख कर सवाल ये उठता है कि, क्या इतने बड़े पैमाने में होने वाली कटाई व तस्करी के मामले में केवल ग्रामीण ही संलिप्तता हैं?
उच्च अधिकारियों को समीक्षा की आवश्यकता-
इस पर वन-विभाग के उच्च-अधिकारियों को समीक्षा की आवश्यकता है, वैसे भी आज की लाखो रुपए की इमरती लकड़ियों की छापामारी-कार्यवाही में कोटा-पुलिस ने बाजी मार ली वन-विभाग व उनके मातहत अधिकारी-कर्मचारीयो के कार्यवाही के लिए पुलिस ने केवल लकड़ियों के बुरादे ही छोड़े है।




