पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सदन में मानव तस्करी का उठाया मामला
रायपुर। शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन विधानसभा में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा सदस्य डा. रमन सिंह ने मानव तस्करी का मामला उठाया। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मानव तस्करी की रोकथाम के लिए प्रदेश के 8 जिलों में मानव तस्करी निरोधक इकाई एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग यूनिट) स्थापित की गई है, वहीं शेष अन्य जिलों में भी एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग सेल का गठन किया गया है।
डा. रमन सिंह ने प्रश्रकाल में यह मामला उठाते हुए पिछले दो साल में छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी के कितने मामले सामने आये और इनकी रोकथाम के लिए क्या उपाय सरकार द्वारा किया जा रहा है।
गृहमंत्री श्री साहू ने इसके जवाब में कहा कि प्रदेश में वर्ष 2018 में 52, वर्ष 2019 में 51 एवं चालू वर्ष नवंबर तक 27 मानव तस्करी के प्रकरण सामने आये है। उन्होंने बताया कि मानव तस्करी की रोकथाम के लिए राज्य के 8 जिलों सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर-जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार एवं महासमुंद में मानव तस्करी निरोधक इकाई एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग यूनिट) स्थापित की गई है। साथ ही राज्य के शेष जिला इकाइयो में एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग सेल का गठन किया गया है।
पढ़ें : बड़ी खबर: रायपुर से लगे खुड़मुड़ा में चार लोगों की निर्मम हत्या मामले में बिल्डरों के 2 दलाल गिरफ्तार
इसके अलावा मानव तस्करी की रोकथाम के लिए वर्ष 2018 में विशेष कार्यवाही प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर पालन हेतु समस्त पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है। साथ ही मानव तस्करी से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर एवं इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के उद्देश्य से पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को और अधिक संवेदनशील बनाने हेतु अब तक 6535 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मानव तस्करी अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की वरिष्ठ पर्यवेक्षक अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाती है।




