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सोने, चांदी के कीमतों में आई एक बार फिर से भारी गिरावट

 सोने, चांदी के कीमतों में आई एक बार फिर से भारी गिरावट
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नई दिल्ली। सोने की कीमतों में आज तगड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस कारोबारी हफ्ते की शुरुआत में ही सोने की चमक फीकी पड़ती दिख रही है। इससे पहले सोना 50,470 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था, जो आज 50,230 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। ये गिरावट अभी लगातार जारी है और सोना 450 रुपये से भी अधिक गिर चुका है। शुरुआती कारोबार में ही सोने ने 50,088 रुपये का न्यूनतम स्तर भी छू लिया। चिंता देने वाली बात ये है कि सोना शुरुआती कारोबार के दौरान अपने ओपनिंग प्राइस से ऊपर नहीं जा सका है।

कमजोर हाजिर मांग के कारण कारोबारियों ने अपने सौदों की कटान की जिससे वायदा बाजार में सोना बृहस्पतिवार को 0.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,286 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एमसीएक्स में दिसंबर महीने में डिलिवरी वाले सोना अनुबंध की कीमत 48 रुपये यानी 0.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,286 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसमें 15,229 लॉट के लिये कारोबार हुआ। हालांकि, न्यूयार्क में सोने का भाव 1.48 प्रतिशत बढ़कर 1,879.30 डॉलर प्रति औंस हो गया।

वैश्विक बाजार में तेजी के रुख के अनुरूप स्थानीय सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोना 37 रुपये की मामूली बढ़त के साथ 51,389 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी है। हालांकि, रुपये की मजबूती के कारण सर्राफे की तेजी पर कुछ अंकुश लगा रहा। पिछले कारोबारी दिन सोने का बंद भाव 51,352 रुपये प्रति दस ग्राम रहा था। हालांकि, चांदी का भाव 915 रुपये की गिरावट के साथ 61,423 रुपये प्रति किग्रा रह गया जो बुधवार को 62,338 रुपये प्रति किलोग्राम था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस बाजार) तपन पटेल ने कहा, ''रुपये के मूल्य में तेजी के कारण सोने की बढ़त पर कुछ अंकुश लगा रहा लेकिन इसके बावजूद दिल्ली में 24 कैरेट सोने के हाजिर भाव में 37 रुपये का लाभ दर्ज हुआ। घरेलू शेयर बाजार की तेजी और अमेरिकी डॉलर के कमजोर रहने से रुपया बृहस्पतिवार को 63 पैसे की तेजी के साथ 73.13 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लाभ के साथ 1,895 डालर प्रति औंस हो गया जबकि चांदी का भाव 23.60 डालर प्रति औंस पर अपरिवर्तित रहा। पटेल ने कहा कि अमेरिकी प्रोत्साहन पैकेज को लेकर अनिश्चितता और डॉलर के उतार चढ़ाव के कारण बृहस्पतिवार को सोने में तेजी रही।

कोरोना वायरस की वजह से शेयर बाजार में एक तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी। समय बीतने के साथ-साथ शेयर बाजार उस तगड़ी गिरावट से लगातार उबर रहा है। दुनिया भर के अधिकतर शेयर बाजार कोरोना की वजह से आई गिरावट से मजबूती से लडते हुए रिकवर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोना अपना ऑल टाइम हाई छू कर वापस आ चुका है। आए दिन सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अब सवाल ये उठता है कि क्या सोना भी कोरोना काल से पहले वाली स्थिति में लौट आएगा, क्योंकि ये ट्रेंड देखा गया है कि शेयर बाजार मजबूत होता है तो सोना कमजोर होता है और इसका उल्टा भी होता है। तो क्या सोना अभी और सस्ता होगा, क्योंकि जनवरी में सेंसेक्स 41 हजार के करीब था, तब सोने की कीमत भी 41 हजार के करीब थी।

पिछले महीने 7 अगस्त को सोने ने वायदा बाजार में अपना उच्चतम स्तर यानी ऑल टाइम हाई छुआ था और प्रति 10 ग्राम की कीमत 56,200 रुपये हो गई थी। वहीं पिछले हफ्ते गुरुवार को सोना 50,286 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। यानी तब से लेकर अब तक सोने में 5,914 रुपये की गिरावट आ चुकी है। चांदी भी 7 अगस्त के अपने ऑल टाइम हाई से करीब 16 हजार रुपये तक टूट चुकी है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सविर्सिज के जिंस शोध के उपाध्यक्ष नवनीत दमानी कहते हैं कि सोना ऊंचाई से गिरकर 50 हजार रुपये के दायरे में आया है, जबकि चांदी 60 हजार रुपये के दायरे में आ चुकी है। उनका मानना है कि आने वाले दिनों में भी उतार चढ़ाव जारी रह सकता है। केडिया कैपिटल के डायरेक्टर अजय केडिया मानते हैं कि स्टिमुलस पैकेज ने शेयर बाजारों के लिए स्टेरॉयड का काम किया। इसी की वजह से शेयर बाजार में तेजी आई है, लेकिन इसे नेचुरल नहीं कहा जा सकता।

सोने में गिरावट की एक बड़ी वजह है पिछले 2 महीनों में रुपये में आई मजबूती। अभी रुपये 73-74 रुपये प्रति डॉलर तक मजबूत हो चुका है, जो कुछ महीने पहले 76-77 रुपये प्रति डॉलर तक कमजोर हो गया था। अगर फिर से डॉलर मजबूत होता है तो सोने में लॉन्ग टर्म में फिर से मजबूती देखने को मिलेगी और डॉलर का फिर से मजबूत होना लगभग तय ही है। यानी सोना अगले साल तक 60-70 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।

आज सिर्फ सोने में ही गिरावट नहीं देखी जा रही है, बल्कि चांदी में भी तगड़ी गिरावट का रुख देखने को मिल रहा है। आज सुबह चांदी गिरावट के साथ 60,737 रुपये प्रति किलो के स्तर पर खुली, जो पिछले हफ्ते 61,145 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई थी। चांदी की कीमतों में शुरुआती कारोबार में ही 600 रुपये से भी अधिक की गिरावट देखी गई है। शुरुआती कारोबार के दौरान ही चांदी ने 60,737 रुपये प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ और 60,350 रुपये प्रति किलो का न्यूनतम स्तर भी छुआ।
 
गुरुवार को सर्राफा बाजार में चांदी का भाव 915 रुपये की गिरावट के साथ 61,423 रुपये प्रति किग्रा रह गया जो बुधवार को 62,338 रुपये प्रति किलोग्राम था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव 23.60 डॉलर प्रति औंस पर अपरिवर्तित रहा। वैश्विक बाजार में तेजी के रुख के अनुरूप स्थानीय सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोना 37 रुपये की मामूली बढ़त के साथ 51,389 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ था।

पिछले महीने 7 अगस्त को सोने ने वायदा बाजार में अपना उच्चतम स्तर यानी ऑल टाइम हाई छुआ था और प्रति 10 ग्राम की कीमत 56,200 रुपये हो गई थी। वहीं पिछले हफ्ते गुरुवार को सोना 50,286 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। यानी तब से लेकर अब तक सोने में 5,914 रुपये की गिरावट आ चुकी है। चांदी भी 7 अगस्त के अपने ऑल टाइम हाई से करीब 16 हजार रुपये तक टूट चुकी है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सविर्सिज के जिंस शोध के उपाध्यक्ष नवनीत दमानी कहते हैं कि सोना ऊंचाई से गिरकर 50 हजार रुपये के दायरे में आया है, जबकि चांदी 60 हजार रुपये के दायरे में आ चुकी है। उनका मानना है कि आने वाले दिनों में भी उतार चढ़ाव जारी रह सकता है। केडिया कैपिटल के डायरेक्टर अजय केडिया मानते हैं कि स्टिमुलस पैकेज ने शेयर बाजारों के लिए स्टेरॉयड का काम किया। इसी की वजह से शेयर बाजार में तेजी आई है, लेकिन इसे नेचुरल नहीं कहा जा सकता।

अक्टूबर-नवंबर के दौरान अमूमन सोने-चांदी की मांग काफी बढ़ जाती है। इसकी वजह है फेस्टिव सीजन का आना। दिवाली के करीब सोना-चांदी हमेशा चमकते हैं, लेकिन कोरोना की वजह से इस बार लोगों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की मांग पर पड़ा है। मुंबई के एक गोल्ड डीलर का कहना है कि इस बार फेस्टिव सीजन के दौरान भी मांग कम ही रहने का अनुमान है, क्योंकि कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं।

आर्थिक सुस्ती, अमेरिका-चीन के बीच तकरार और डॉलर में कमजोरी से सोने और चांदी की तेजी को आगे भी सपोर्ट मिलने के आसार हैं। कमोडिटी विशेषज्ञों की माने तो सोने और चांदी के प्रति निवेशकों को आकर्षण अभी कायम है क्योंकि कोरोना का कहर अभी टला नहीं है और शेयर बजार में अनिश्चितता बनी हुई है। विशेषज्ञ बताते हैं कि महंगी धातुओं के प्रति निवेशकों का आकर्षण कम नहीं हुआ है।

 



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