गंगरेल बांध में पार्किग वसूली को लेकर हो रही मनमानी, ठेकेदार के लोगों और सैलानियों के बीच अक्सर होता रहता है विवाद
धमतरी। जिले का गंगरेल बांध सैलानियों के लिए पहली पंसद है। जब से यहां मोटर बोट समेत इससे संबंधित सुविधाएं दी जा रही हैं, तब से गंगरेल बांध क्षेत्र में खास मौको पर भारी भीड़ जुटती है। इन दिनों नए वर्ष को लेकर विभिन्न जिलों के अलावा धमतरी जिले के लोग हजारों की तदाद में गंगरेल पहुंच रहे हैं। शासन ने 8-10 एकड़ में पार्किग स्थल निर्धारित कर उसका ठेका दिया गया है। यह स्थान अंगारमोती मंदिर के पहले निर्धारित है। लेकिन ठेकदार और उनके कर्मचारी निर्धारित स्थल पर पार्किग वसूली न कर पार्किग स्थल से बहुत पहले वसूली करने में लगे रहते हैं। इससे बार बार जाम की नौबत आ रही है। पिछले कुछ दिनों से रोज ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है। गंगरेल पहुंचने वाले कुछ सैलानियों ने शिकायत करते हुए बताया कि पार्किग वालों की मनमानी को रोकने पुलिस बल की व्यवस्था नहीं है। गंगरेल बांध के पहले भिलाई नहर पुल के पास पार्किग की वसूली की जा रही है। जबकि अंगार मोती मंदिर के पहले निर्धारित पार्किग स्थल पर पार्किग शुल्क लिया जाना चाहिए। दो पहिया वाहनों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। इससे ठेकेदार के लोगों और सैलानियों के बीच अक्सर विवाद होता रहता है। लोगों ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जल संसाधन विभाग और पर्यटन मंडल से विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है। ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।




