झीरमघाटी हत्याकांड: एनआईए के समक्ष प्रत्यक्षदर्शी ने बयान दर्ज कराने से किया इंकार
रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड की जांच कर रहे एनआईए के नोटिस पर आज कुछ प्रत्यक्षदर्शी बयान दर्ज कराने एनआईए के कार्यालय पहुंचे, इनमें से एक प्रत्यक्षदर्शी ने अपना बयान दर्ज कराने से इंकार कर दिया।
सूत्रों की माने तो कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता दौलत रोहरा के साथ एक-दो प्रत्यक्षदर्शी आज एनआईए के नोटिस मिलने के बाद मौलश्री विहार स्थित एनआईए के कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद एनआईए के अधिकारियों द्वारा बयान दर्ज कराने जाने की बात पर प्रत्यक्षदर्शियों में से एक कांग्रेस सदस्य ने अपना बयान दर्ज कराने से इंकार कर दिया। ज्ञात हो कि एनआईए की जांच पर शुरू से ही कांग्रेस की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी। एनआईए पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच न किए जाने और कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को छोड़ देने, जांच की दिशा अन्यत्र मोडऩे जैसे आरोप कांग्रेस द्वारा लगाए जा चुके हैं। एनआईए की अब तक हुई जांच से कांग्रेस संतुष्ट नहीं है, कांग्रेस द्वारा लगातार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जाती रही है। कांग्रेस इसे राजनीतिक अपराधिक हत्याकांड निरूपित कर चुकी है। प्रदेश कांग्रेस के कई नेता एनआईए की जांच और जांच के लिए तय बिंदुओं में संशोधन की मांग कर चुके हैं। कांग्रेस का आरोप है कि एनआईए से कई बार लिखित में यह मांग की गई है कि जांच में कुछ नए बिंदु जोड़े जाएंमगर एनआईए द्वारा कांग्रेस की मांग पर कभी भी ध्यान नहीं दिया गया। संभवत: यह भी एक बड़ी वजह है कि आज एक प्रत्यक्षदर्शी ने अपना बयान दर्ज कराने से ही इंकार करते हुए यह कह दिया कि वे अपने अधिवक्ता से पहले सलाह लेंगे और इसके बाद ही अपना बयान दर्ज कराएंगे। कुल मिलाकर यदि यह कहा जाए कि कांग्रेस को एनआईए की जांच पर ही भरोसा नहीं है तो यह गलत नहीं होगा।




