लॉकडाउन ने बढ़ाया निजी संस्थाओं में नौकरीपेशा लोगों की मुसिबतें, कईयों की नौकरी छीनी, तो कईयों का वेतन आधा हुआ
रायपुर। कोरोना वायरस की महामारी के कारण पूरे देश में जारी लॉकडाउन से एक ओर जहां मजदूर वर्ग भारी परेशानियों से जूझ रहा है तो वहीं दूसरी ओर निजी संस्थाओ व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में नौकरी करने वालों की मुसिबतें भी बढ़ा दी है। लॉकडाउन में पिछले दो माह तक लगातार बंद रहने के कारण कई लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया है तो कई लोग आधी तन्खा में काम करने को मजबूर हो रहे है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी कई ऐसे व्यापारिक दुकानें व निजी संस्थान है, जहां कर्मचारियों की अधिक संख्या है, ऐसे दुकानों व निजी संस्थाओं के संचालकों द्वारा कर्मचारियों की छंटनी या फिर तन्खा आधी की जा रही है। ऐसे में नौकरीपेशा लोगों के सामने अपना परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। यहीं नहीं जिन लोगों को नौकरी से निकाला गया है या फिर तन्खा आधी की गई है वे लोग यह सोचकर तथा अपने संचालकों से उम्मीद लगाकर उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं कर रहे है कि आगामी दिनों में हालात ठीक होने पर उन्हें वापस नौकरी मिल जायेगी। वर्तमान में ऐसे लोग भारी परेशानियों से जूझ रहे है। उनके घरों का बजट पूरी तरह से गड़बड़ाया हुआ है।




