नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

हर गांव-हर गौठान में रोका-छेका के लिए होगी बैठक, मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को जारी किए निर्देश

हर गांव-हर गौठान में रोका-छेका के लिए होगी बैठक, मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को जारी किए निर्देश
Share

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरीफ फसलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खुले में पशुओं की चराई पर रोक लगाने के लिए ग्रामवासियों से रोका-छेका के लिए बैठक कर 19 जून से इस व्यवस्था को लागू करने की अपील की है। जिसके तहत मुख्य सचिव आर.पी.मण्डल ने सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आगामी 19 जून तक सभी गांवों और गौठानों में वहां के पंच, सरपंच, जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी, गणमान्य नागरिक और चरवाहा मिलकर रोका-छेका की व्यवस्था को लागू करने के संबंध में आवश्यक निर्णय लेकर इस व्यवस्था को लागू करें। रोका-छेका की व्यवस्था से अन्य फसलों के लेने की संभावना भी बढ़ जाएगी।

मुख्य सचिव श्री मण्डल ने कहा है कि आगामी बुवाई के मौसम के मद्देनजर रोका-छेका की परंपरा बहुत प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में पशुओं द्वारा खुले में चराई पर रोक लगाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए 19 जून तक सभी गांवों और गौठानों में रोका-छेका की व्यवस्था के लिए बैठकें आयोजित कर स्थानीय पशुपालक सामुदायों द्वारा प्रतिज्ञा ली जाए कि वे अपने मवेशियों को खुले में चरने नहीं देंगे।

मुख्य सचिव ने कहा है कि इसके साथ ही पशुओं की देखभाल और उनके चारे-पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा है कि सभी गौठानों में पशुओं की देखभाल के लिए सभी जनपद पंचायतों को आवश्यक निर्देश दिए जाए। मुख्य सचिव ने सभी सचिवों से भी कहा है कि वे अपने प्रभार वाले जिले के कमिश्नरों और कलेक्टरों से बात कर रोका-छेका के संबंध में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। मुख्यमंत्री 20 जून को स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे। 


Share

Leave a Reply