कस्टम मिलिंग में लापरवाही, 6 राईस मिलरों को नोटिस
महासमुंद। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का जिले के पंजीकृत राईस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष जिले में कुल 136 अरवा 43 उसना कुल 179 राइस मिल पंजीकृत हैं। वत्र्तमान में जिले में उपार्जित कुल 726006.70 मिट्रिक टन धान में से पंजीकृत मिलरों द्वारा 353656.85 मिट्रिक टन धान का उठाव किया जाकर कस्टम मिलिंग की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का निराकरण कस्टम मिलिंग के माध्यम से प्राथमिकता से किया जाना है किंतु जिले के 6 उसना राइस मिलरों द्वारा उनकी पंजीकृत मिलिंग क्षमता अनुसार कस्टम मिलिंग हेतु जारी अनुमति के विरुद्ध निर्धारित समयावधि में मिलिंग कार्य पूर्ण नहीं किए जाने से छत्तीसगढ़ चावल उपाप्ति (उद्ग्रहण) आदेश 2007 की कंडिका 7 का उल्लंघन किए जाने के कारण उक्त राईस मिलों को कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यदि राईस मिलों द्वारा संतोषप्रद उत्तर प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उक्त मिलों को छत्तीसगढ़ चावल उपाप्ति (उद्ग्रहण) आदेश 2007 की कंडिका 10 के तहत ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई की जाएगी। ये 6 राईस मिलों में विकासखंड महासमुंद के एन एल राईस इण्डस्ट्रीज महासमुंद, विकासखंड बागबाहरा के तथास्तु एग्रोटेक बागबाहरा , संजय ट्रेडर्स बागबाहरा तथा अरिहंत राईस टेक प्राय लिमिटेड बागबाहरा विकासखंड, बसना के विराट राईस मिल बसना तथा विकासखंड सरायपाली के हिंदुस्तान एग्रोटेक सरायपाली है। साथ ही इसके अतिरिक्त इस वर्ष पंजीकृत जिन उसना राईस मिलों द्वारा मिलिंग क्षमता अनुसार जारी अनुमति के विरुद्ध यदि समय पर कस्टम मिलिंग कार्य पूर्ण नहीं किया जाता तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




