चार आरक्षक में से एक बर्खास्त, तीन निलंबित, एसपी ने की कार्रवाई
महासमुंंद। जिले के एक आरक्षक को पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल सिंह ठाकुर ने अनुशासनहीन आचरण के कारण सेवा से बर्खास्त करने का आदेश पारित किया है। वहीं ड्यूटी में लापरवाही बरते वाले तीन आरक्षक को लाइन अटैज किया है। जानकारी के अनुसार आरक्षक निर्मल दीवान एक से अधिक बार लंबे समय से ड्यूटी से अकारण गैर हाजिर रहने एवं बार-बार उपस्थिति के लिए नोटिस देने पर भी गैर हाजिरी के संबंध में विभागीय जांच की कार्रवाई की गई।
आरक्षक द्वारा बार-बार सेवा के प्रति उदासीनता प्रदर्शित करते रहने के कारण एसपी ने विभागीय कार्रवाई करते हुए24 जुलाई को सेवा से पृथक कर दिया गया। इसी प्रकार खल्लारी अंतर्गत डायल-112 पाइंट पर थाना प्रभारी द्वारा चेकिंग के दौरान ड्यूटी में उपस्थित आरक्षक संजय ध्रुव नशे में पाया गया। आरक्षक को ड्यूटी के दौरान मद्यपान सेवन जैसे गैर जिम्मेदार एवं लापरवाही बरतने के कारण दिनांग 29 जुलाई को निलंबन की कार्रवाई की गई। वहीं थाना खल्लारी में पदस्थ आरक्षक कांता प्रसाद साय को नशे के हालत में स्टॉप के साथ गाली गलौज, मारपीट तथा झूठा दोषरोपण के अलावा शासकीय संपत्ति को क्षति पहुंचाने व लापरवाहीपूर्व कृत्य के कारण 30 जुलाई को निलंबित किया गया है।
इसी प्रकार थाना बसना हाईवे पेट्रोलिंग में तैनात आरक्षक ललित पनागर अपनी वाहन को नशे के हालात में तेज रफ्तार चलाने एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मना करने पर उनसे अभद्र व्यवहार किया। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने गुरुवार को निलंबन की कार्यवाही की गई। एसपी ने ऐसे लापरवाह एवं गैर जिम्मेदार पुलिस कर्मचारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि पुलिस विभाग एक अनुशासित विभाग होने के साथ-साथ पुलिस का आचरण जनता में रोल मॉडल के रूप में देखा जाता है, ऐसे में कर्मचारी को सदैव उत्तम आचरण एवं कर्तव्य के प्रति सदैव जवाबदार होना जरुरी है। अनुशासनहिनता एवं कर्तव्य के प्रति लापरवाह विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों के प्रति सख्त दण्डात्मक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।




