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लॉकडाउन में पीलिया का प्रकोप-निगम की लापरवाही नहीं तो और क्या- भाजयुमो

लॉकडाउन में पीलिया का प्रकोप-निगम की लापरवाही नहीं तो और क्या- भाजयुमो
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रायपुर। भाजयुमो नेता उमेश घोरमोड़े ने राजधानी रायपुर में कोरोना महामारी संकट के बीच पीलिया का इलाज करवा रही कांपा निवासी गर्भवती महिला के उपचार के दौरान हुई मौत पर महापौर ऐजाज ढेबर और निगम प्रशासन पर जमकर निशाना साधा है। 

घोरमोड़े ने जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि राजधानी में फैला पीलिया जानलेवा हो गया है। यह निगम की लापरवाही का नतीजा नहीं तो और क्या है? उन्होंने महापौर ऐजाज ढेबर से पूछा कि पीलिया से हो रही मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या निगम प्रशासन अपनी लापरवाही और उदासीनता के चलते शहर में फैले पीलिया और उसके चलते हो रही मौत का जिम्मेदार नहीं है? 

उन्होंने कहा कि निगम द्वारा फ्रिज के खाने से पीलिया होने का हवाला देना हास्यप्रद है। बीते वर्षों में भी बाहरी खान पान से पीलिया फैलने की बात कह कर निगम अपनी जिम्मेदारियों से भागता रहा है। आज जनता लॉक डाउन का पालन कर रही है, बाहरी खान पान से दूर है। यदि ऐसे में पीलिया फैल रहा है तो इसका एकमात्र कारण निगम की लापरवाही के चलते दूषित जलापूर्ति ही तो है।

भाजयुमो नेता ने कहा कि 1800 से अधिक लोगों में पीलिया के लक्षण दिखाई पडऩा, 600 से अधिक लोगों में पीलिया की पुष्टि होना चिंता का विषय है। निगम पीने योग्य पानी की सप्लाई नहीं कर पा रहा है, यह दुर्भाग्यजनक ही नहीं अपितु पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया की उपस्थिति जानलेवा साबित हो रही है। राजधानी में शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं करवा पाना प्रदेश सरकार की भी नाकामी है। 


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