पीएम आवास योजना: लॉकडाउन में अटक गई हजारों फाईलें, हितग्राही निगम मुख्यालय के चक्कर काटने मजबुर
रायपुर। कोविड-19 के दौरान लगे लॉकडाउन और इससे ठप हो चुके शासकीय कामकाज की रफ्तार अभी भी काफी धीमी है। कुछ इसी तरह का नजारा आज निगम मुख्यालय में भी देखने को मिला। यहां महीनों से प्रधानमंत्री आवास के लिए फार्म जमा करने तथा मकान निर्माण शुरू करा चुके हितग्राही अगले किश्त मिलने के इंतजार में चक्कर काट रहे हैं।
नगर निगम मुख्यालय में अव्यवस्थाओं का नजारा शहर के लिए कोई नई बात नहीं है। केन्द्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं का संचालन यहीं से होता है। लिहाजा वर्कलोड रहना भी लाजमी बात है, निगम में पर्याप्त स्टॉफ की कमी और एजेंसियों के माध्यम से होने वाले कामों में लेटलतीफी भी नई बात नहीं है। बात प्रधानमंत्री आवास योजना की करें तो इसका भी संचालन नगर निगम के द्वारा ही होता है। शहर के कई इलाकों में इस योजना के तहत पात्र हितग्राहियों द्वारा अपने सपनों के मकान का निर्माण शुरू कराया गया था। इसके बाद कोविड-19 संक्रमण के दौरान चले लॉकडाउन में इनका काम पूरी तरह से ठप हो गया। इन योजना का संचालन करने वाले स्टॉफ ही कोरोना के चक्कर में अपने-अपने घरों में कैद हो गए। लिहाजा हजारों की संख्या में फाईल जहां की जहां अटक गई। अब अनलॉक के दौरान धीरे-धीरे इन फाईलों को आगे बढ़ाने का जतन शुरू किया गया है। विडंबना है कि जिन पात्र हितग्राहियों ने इस योजना के तहत प्रथम किश्त की सहायता प्राप्त करने के बाद अपने मकान का निर्माण शुरू कराया था, उनका मकान आज भी अधूरा और अपूर्ण है। वर्तमान में बारिश का सीजन शुरू हो गया है, ऐसे में तेजी से मकान निर्माण का काम भी पूरा नहीं हो सकता। दूसरी ओर स्टॉफ की कमी के चलते प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए फार्म जमा करने तथा पुराने हितग्राहियों को समय पर किश्त भी नहीं मिल पा रही है। जिसके चलते हजारों हितग्राही रोजाना निगम मुख्यालय के चक्कर काटने पर मजबुर हो रहे हैं।




