महासमुंद। आरटीई के तहत यदि जिन बच्चों के पालकों ने पोर्टल में ऑनलाइन फार्म नहीं भरा है, उनके लिए 10 जुलाई तक एक बार फिर पोर्टल में आवेदन करने के लिए विभाग ने मौका दिया है। वे पोर्टल में आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें मौका नहीं मिलेगा। 15 जुलाई को सीधे लॉटरी सिस्टम से स्कूल अलार्ट कर दिया जाएगा और इसकी जानकारी पालकों के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजा जाएगा। कोविड-19 को देखते हुए आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया में लेट लतीफी हो रही है, इसलिए सरकार ने राज्य स्तर पर लॉटरी निकालने की योजना बनाई है। जिला शिक्षा अधिकारी राबर्ट मिंज ने बताया कि इस बार लॉटरी राज्य स्तर पर ऑनलाइन निकलेगी। स्कूल अलार्ट होने की जानकारी पालकों को उसके मोबाइल नंबर पर मिलेगी। पालक स्कूल अलार्ट होने के बाद सीधे स्कूल में जाकर दस्तावेज दिखाकर प्रवेश ले सकेंगे। इस बार कोरोना के कारण नियम में बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में आरटीई के तहत 2049 सीटें हैं। कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को आरटीई के तहत निजी स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने ने बताया कि इस बार आरटीई के तहत 224 निजी स्कूलों ने पंजीयन कराया है।
निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए आया 2127 आवेदन-
जिला शिक्षा कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस लॉकडाउन के बाद आवेदन की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 30 मार्च तक 1700 बच्चों ने पोर्टल में ऑनलाइन फार्म जमा किया। इसके बाद कोरोना के चलते लॉकडाउन हो गया। च्वाइस सेंटर बंद हो गए। लॉकडाउन खुलने के बाद सरकार ने पोर्टल में प्रवेश की तिथि बढ़ा दी और अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की थी। जिसके कारण पालकों ने इसका फायदा उठाते हुए आरटीई के तहत आवेदन किया। अब आवदेन की संख्या बढ़कर 2127 हो गई है। सरकार ने एक बार फिर 10 जुलाई तक आवेदन करने की तिथि में बढ़ोतरी की है। इसके बाद अब समय नहीं मिलेगा।
ऑनलाइन निकाली जाएगी लॉटरी-
इस बार लॉटरी सिस्टम में बदलाव किया गया है। 15 जुलाई को ऑनलाइन माध्यम से लॉटरी निकाली जाएगी। विभाग इसकी तैयारी कर रहा है। इस बार पूरे प्रदेश के निजी स्कूलों के लिए ऑनलाइन लाटरी निकलेगी। स्कूल आवंटन के बाद इसकी जानकारी पालकों को एसएमएस के माध्यम से भिजवाया जाएगा। पालक एसएमएस मिलने के बाद आवंटित निजी स्कूल में जाकर प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें प्रवेश तभी मिलेगा, जब उनके दस्तावेज पूरे होंगे।
जुलाई तक रहेंगे स्कूल बंद-
कोरोना संक्रमण के कारण सरकार ने 22मार्च से सरकारी व निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया था। वर्तमान में सारे स्कूल बंद है। कोरोना का कहना जारी है, इसलिए स्कूल खोलने पर सरकार ने विचार नहीं किया है। 30 जुलाई तक प्रदेश के स्कूल बंद रहेंगे। बताया जा रहा है कि जब तक सरकारी स्कूल क्वारेंटाइन सेंटर से मुक्त नहीं होंगे, स्कूल नहीं खुलेगा। जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है।