रमन सिंह ने आय से कई गुना अधिक संपत्ति बनाई: कांग्रेस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर कांग्रेस ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि डॉ. रमन सिंह ने चंद सालों में ही अपनी आय से कई गुना अधिक संपत्ति आखिर कैसे खड़ी कर ली? डॉ. रमन सिंह के साथ ही उनकी पत्नी वीणा सिंह और पुत्र अभिषेक सिंह की संपत्ति की जांच आखिर क्यों नहीं होनी चाहिए?
कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, रमेश वल्र्यानी, राजेंद्र तिवारी ने संयुक्त रूप से कहा कि डॉ. रमन सिंह ने चंद वर्षों में ही अपार संपत्ति जमा की है, आखिर यह संपत्ति कैसे आई। जबकि वे अपने आप को एक साधारण परिवार का सदस्य बताते आए हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के साथ ही श्रीमती वीणा सिंह, पुत्र अभिषेक सिंह की संपत्ति की जांच आखिर क्यों नहीं होनी चाहिए? कांग्रेस नेताओं ने कहा कि क्या घोटालों के पैसों से ही अभिषेक सिंह ने विदेश में काला धन जमा कराया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हम सवाल पूछना चाहते हैं कि रमन सिंह की संपत्तियां 2008 से 2018 के तीन चुनावों के बीच कैसे दस गुना से अधिक बढ़ गयी? उन्होंने ऐसा क्या किया जिससे उनकी संपत्तियां इस तरह बढ़ती गईं? उनके और उनकी पत्नी के पास इतना पैसा कहां से आया? कांग्रेस नेताओं ने कहा कि डॉ. रमन सिंह स्वयं को साधारण परिवार से संबंधित बताते आए हैं, उनका न तो कोई व्यापार है न ही कोई उद्योग। ऐसे में जनता के मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि उनके पास इतनी संपत्तियां कैसे आ गई? उनके पिता विघ्नहरण सिंह जी एक सामान्य वकील थे। स्वयं रमन सिंह ने आयुर्वेद में डिग्री ली है और वे कवर्धा में एक असफ ल डॉक्टर के रूप में कार्यरत रहे। उन पर आश्रित बच्चों ने प्रोफेशनल डिग्रियां ली हैं और ज़ाहिर है कि इसमें भी अच्छा ख़ासा पैसा खर्च हुआ होगा। लेकिन उनकी संपत्ति में आय से कई गुना अधिक की वृद्धि हुई है। हमने उनके तीन चुनाव शपथ पत्र निकालकर देखे हैं।
कहां से आया पैसा-
चुनाव लड़ते वक़्त चुनाव आयोग के निर्देशानुसार संपत्तियों, कमाई और खर्च का जो विवरण डॉ रमन सिंह ने जमा किया है, यह सिफऱ् उसका आंकलन है। इस आंकलन के अनुसार वर्ष 2008 में उनके पास एक करोड़, चार लाख की संपत्ति थी। उस समय तक रमन सिंह मुख्यमंत्री के रूप में एक कार्यकाल पूरा कर चुके थे। लेकिन अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने ऐसा कुछ उल्लेखनीय करना शुरु किया जिससे कि उनकी संपत्ति अगले चुनाव तक यानी वर्ष 2013 तक बढ़कर पांच करोड़ 61 लाख हो चुकी थी। वर्ष 2008 से वर्ष 2013 तक रमन सिंह की संपत्ति पांच गुने से अधिक बढ़ गई। मुख्यमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल के समाप्त होने तक यानी वर्ष 2018 में उन्होंने चुनाव आयोग को बताया कि उनकी संपत्ति दो गुना होकर 10 करोड़ 72 लाख हो चुकी थी। यह स्थिति तब है जब उनकी आय अत्यंत सीमित थी। वर्ष 2012-13 में उन्होंने जो आयकर रिटर्न भरा था उसके अनुसार उनकी आय 14 लाख 60 हज़ार के कऱीब थी. इसी दौरान उनकी पत्नी की आय 12 लाख 52 हज़ार के कऱीब थी। वर्ष 2013 में रमन सिंह पर 28 लाख से अधिक का कजऱ् था। लेकिन वह भी उन्होंने पांच साल के भीतर चुका दिया था क्योंकि वर्ष 2018 के चुनाव में उन्होंने बताया है कि उन पर कुल देनदारी तीन हज़ार रुपए ही बची थी। यह इतना बड़ा कजऱ् उन्होंने कैसे चुकाया? इतनी कम आय में संपत्तियाँ दस गुना कैसे बढ़ी यह जांच का विषय है?
क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी ने उगला सोना-चांदी-
वर्ष 2008 से 2018 तक के विवरण को यदि आप सरसरी तौर पर भी देखें तो आपको लगेगा कि पता नहीं रमन सिंह और उनकी पत्नी को ऐसा कौन सा पारस पत्थर मिल गया था कि उनके पास सोना और चांदी की मात्रा बेतहाशा बढ़ती रही। 2008 के चुनाव के वक्त रमन सिंह के पास 23 तोला सोना था जो वर्ष 2013 के चुनाव तक बढ़कर 55 तोला हो चुका था. इसकी क़ीमत भी बढ़कर पांच लाख से 26.40 लाख हो चुकी थी। इसी अवधि में रमन सिंह की पत्नी श्रीमती वीणा सिंह के पास सोना चार गुना बढ़ चुका था। चुनावी शपथ पत्र के अनुसार श्रीमती वीणा सिंह के पास सोना 55 तोले से बढ़कर 217 तोला हो गया था. यानी 2013 के चुनाव तक श्रीमती सिंह के पास दो किलो से अधिक सोना हो चुका था। क़ीमत के अनुसार देखें तो 7.5 लाख रुपए के सोने से वे 80.80 लाख के सोने तक पहुंच चुकी थीं। पति पत्नी दोनों की आय लगभग 27 लाख रुपए सालाना थी लेकिन उनकी संपत्ति पांच गुना बढ़कर एक करोड़ से पांच करोड़ हो चुकी थी। 2008 से 2013 के बीच श्रीमती वीणा सिंह के पास सिफऱ् सोना ही नहीं बढ़ा चांदी भी आठ किलो से बढ़कर 18 किलो हो चुका था। वैसे सोना तो श्रीमती सिंह के पास 2013 से 2018 तक भी बढ़ता रहा और जब रमन सिंह की पार्टी का छत्तीसगढ़ से सफाया हुआ तो उनके पास 235 तोला सोना था. यानी दो किलो 350 ग्राम सोना। इसकी क़ीमत उस वक़्त 90 लाख रुपए आंकी गई है।




