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तीज पर्व आज: न बेटियां आई, न बहुएं गई, ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की वजह से घर पर रहकर मनाया जाएगा पर्व

 तीज पर्व आज: न बेटियां आई, न बहुएं गई, ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की वजह से घर पर रहकर मनाया जाएगा पर्व
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महासमुंद। ग्रामीण अंचलों में इस बार तीज का पर्व बहुएं व बेटी अपने ससुराल में रहकर पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत है।कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वे इस बार ससुराल में ही पर्व मनाने का महिलाओं ने पूर्व में ही फैसला ले लिया था, इसलिए जिले के अधिकांश गांव में बहुएं व बेटियों ने मायके आने से परहेज किया है।
 
 
गांव में ऐसी महिलाएं भी है, जिसकी उम्र 45-50 है, लेकिन वे आज भी वे तीज का पर्व अपने मायके में मनाती है। उनके उम्र ये पहली बार ऐसा है कि इस पर्व के लिए उन्हें ससुराल में रहकर पर्व को मना रही है। गांव के प्रमुखों ने भी गांव को सुरक्षित रखने के लिए इस बार बेटियों व बहुओं को तीजा लाने व ले जाने से मना किया है।
 
 
गांव के नियमों का पालन करते हुए इस बार स्वयं से मायके नहीं जाने का फैसला लिया है। ज्ञात हो कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए ग्रामीण अंचलों में तीज पर्व के पखवाड़ेभर पूर्व ही तीजा लाने व ले जाने के लिए मुनादी करा दी गई थी। 

जानिए क्या कहती है महिलांए- 
ग्राम खमतराई, सिरपुर, सेनकपाट, भोरिंग व कौंआझर की रहने वाली द्रोपती, उर्मिला, बिंदा, एवं हिराबाई ने बताया कि वें 20 साल से तीज पर्व पर मायके जाते आ रहे हैं। इस बार उनका पहला साल है जो, तीज का पर्व ससुराल में मना रही हैं। पर्व को लेकर पहले से ही तैयारिंया कर रखी है। आज पति की दीर्घायु के लिए वे उपवास हैं। साथ ही पर्व के मद्देनजर ढेर सारे पकवान भी बनाएं है।
 
 
तीज में मायके जाने की बात पर उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। यदि चले गए तो, स्वास्थ्य खराब हो सकता है, और जब लौटेंगे तो उसके कारण गांव में भी संक्रमण फैल सकता है। इसलिए, मायके जाने से परहेज कर रहे हैं, क्योंकि अपने स्वास्थ्य के साथ परिवार व गांव का भी ख्याल रखना आवश्यक है। उन्होंने ने कहा कि स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो आने वाले कई सालों तक यह पर्व मना सकते हैं। 

करू भात खाकर आज महिलाएं है निर्जला उपवास-
तीज के उपवास के लिए एक दिन पहले महिलाएं करू भात खाती है। इसके बाद वे दूसरे दिन अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती है। गुरुवार को व्रती महिलाओं ने करू भात खाकर आज व्रत रखा है। व्रती महिलाओं ने पर्व को लेकर कुछ दिन पूर्व से ही तैयारियों कर रखी थी। कपड़ा, फैंसी आयटम सहित विभिन्न सामानों की खरीददारी भी कर ली है। दो दिन पहले शहर में बाजार गुुलजार रहा। कपड़ा व फैंसी दुकान में महिलाओं ने पर्व के लिए जमकर खरीददारी की। 

खेखसी 2 सौ रुपए किलो-
कड़ु भात को लेकर आज सब्जी बाजार में करेला और खेखसी की भारी मांग रही। बाजार में खेखसी 200 और करेला 60 रुपए प्रतिकिलो के भाव से बिका। करेला 20 रुपए और खेखसी में 40 रुपए प्रतिकिलो
महंगी हो गई।

शहरी क्षेत्रों में भी नहीं पहुंच पाई बहुएं व बहनें मायके- 
शहरी क्षेत्रों में भी अधिकांश बहुएं व बहनें कोरोना के कारण मायके नहीं जा पाई। ये महिलाएं भी आज पर्व ससुराल में रहकर मनाएंगे। हालांकि शहर में तीजा लाने व ले जाने के लिए मुनादी तो नहीं कराई है, लेकिन बस व ट्रेन नहीं चलने के कारण वें अपने मायकें नहीं पहुंच पा रही है। बस संचालक अपने मांगों को लेकर अड़े हुए है, इसलिए बसों को नहीं चला रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार ने भी ट्रेनों के परिचालन को बंद रखा है। जो ट्रेनें चल रही है, उसमें कई नियम है, इसलिए लोग इससे कतरा रहे हैं।


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