10 साल पुराने कत्ल की गुत्थी सुलझी, 2 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर: राजधानी पुलिस ने 10 साल पुरानी अंधे क़त्ल की गुत्थी को सुलझा लिया। हत्याकाण्ड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अवैध प्रेम प्रसंग को छुपाने आरोपी संतोष यादव अपने साथी लोकेश यादव के साथ लेखराम सेन की हत्या कर फरार हो गया था। पुलिस को इस घटना में कोई सुराग नहीं मिला था। अब 10 साल बाद इस हत्याकांड के खुलासा तब हुआ जब एक आरोपी संतोष यादव ने इस हत्याकांड की किसी से चर्चा की। खरोरा पुलिस ने पतासाजी करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
खरोरा थाना से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में खरोरा थाना में लेखराम सेन की हत्या का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल की, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। तब से यह मामला लंबित था।
10 साल बाद इस मामले की केस डायरी का बारिकी से अवलोकन किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन पर विशेष टीम बनाकर हत्या के सब पहलुओं को ध्यान में रखते हुये अज्ञात आरोपी की पतासाजी प्रारंभ किया गया। टीम ने मृतक व घटना के संबंध में मृतक के पुत्र प्रार्थी एवं उसके परिवार के अन्य सदस्यों से विस्तृत पूछताछ करने के साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। मृतक का शव जिस खेत में पड़ा था उस खेत के स्वामी सहित घटना स्थल के आसपास के लोगों से भी मृतक व घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ किया गया। अज्ञात आरोपी की पतासाजी के संबंध में मुखबीर लगाए गए। टीम अपनी जांच में लगी थी कि इसी दौरान संतोष यादव उर्फ घनश्याम उर्फ आमला ने कुछ दिनों पूर्व ग्राम फरहदा के ढ़ाबे में किसी व्यक्ति को बताया था कि उसी ने लेखराम सेन की हत्या की है। इस सूचना पर टीम ने घटना के बिन्दुओं को कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुये महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किये और संतोष यादव को पकड़ा। पूछताछ के दौरान संतोष टीम को गुमराह करता रहा, एल्कीन कड़ाई से पूछताछ के बाद संतोष यादव अपने झूठ के सामने टिक न सका और संतोष यादव ने अपने साथी लोकेश यादव के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। इसके बाद टीम ने दूसरे आरोपी लोकेश यादव को भी पकड़ा। पूछताछ में आरोपी संतोष यादव ने बताया कि वह 10 वर्ष पूर्व अपने नाना के घर ग्राम फरहदा खरोरा में रहता था। दिनांक घटना की रात्रि वह अपनी प्रेमिका से मिलने खेत में गया था और रखवाली के लिए अपने साथी लोकेश यादव को खड़ा किया था। इसी दौरान आसरोपी संतोष यादव और उसकी प्रेमिका को मृतक लेखराम सेन ने मिलते हुए देख लिया, जिससे आरोपी की प्रेमिका भाग गयी तथा मृतक लेखराम सेन दोनों आरोपियों को फटकार लगाते हुए बोला तुम्हारी हरकत को मैं गांव वालों को बता दूंगा। इस बात से गुस्सा होकर दोनों आरोपियों ने लेखराम सेन के साथ हाथापाई की, और पास पडे़ मिट्टी में ढेलों से लेखराम सेन के सिर पर वार किये फिर में बेल्ट से लेखराम सेन का गला दबाकर हत्या हर दी। आरोपी बेल्ट को नहर में फेंक कर फरार हो गए। आरोपी संतोष यादव भागकर अपने गृहग्राम जरौद मंदिर हसौद में निवास करने लगा। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
-संतोष यादव उर्फ घनश्याम उर्फ आमला उम्र 30 साल निवासी ग्राम जरौद थाना मंदिर हसौद रायपुर।
-लोकेश यादव उम्र 32 साल निवासी ग्राम जरौद थाना मंदिर हसौद रायपुर।
आरोपियों को गिरफ्तार करने में नगर पुलिस अधीक्षक विधानसभा राहुल देव शर्मा, निरीक्षक नितेश सिंह ठाकुर थाना प्रभारी खरोरा, उपनिरीक्षक रवीन्द्र धु्रव, सउनि. अमित अंदानी, आर. सुरेन्द्र सिंह चैहान, रूपलाल ध्रुवंशी, सचिन पाण्डेय, महेन्द्र वर्मा, आर. टीकम साहू एवं लोकनाथ वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिंका रही।




