कोडिन युक्त कफ सिरप के साथ पकड़े गए 2 युवकों को 12-12 साल की सजा
रायगढ़, ड्रग्स को लेकर देश भर में कोहराम मचा हुआ है। सरकार प्रशासन अदालतें सभी इस नशे के व्यापार से सख्ती से निपटने में लगी हैं। ऐसे ही एक मामले में रायगढ़ के विशेष न्यायालय ने दो लोगों को 12-12 साल की सजा के साथ एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला खरसिया के पास रतन महका गांव का है। जहां पुलिस को 28 फरवरी 2020 को दो लोगों के कोडिक कफ सिरप ले कर आने की खबर मिली थी। इस पर खरसिया पुलिस के उपनिरीक्षक नंदकिशोर गौतम ने रतन महका के बीएसएनएल टॉवर के पास एक संदिग्ध मोटर सायकल की तलाशी ली गई, तो उसमें सवार दो लोगों के पास से कपड़े के दो थैलों में भरी 240 बोतल कोडिनयुक्त सिरप बरामद हुई थी। जिसका वजन लगभग 24 किलो था। पुलिस ने युवकों से पूछताछ की तो उन्होने अपना नाम सुनील गबेल व जितेन्द्र गबेल बताया। उनहें यह थैला रमेश यादव एंव दीनदयाल गबेल ने दिया गया बताया। जिसे वे खरसिया बस स्टैंड पार होने के बाद वापस लेने वाले थे। ऐसे में पुलिस ने चारों आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई करते हुये गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले का चालान विशेष न्यायालय में पेश किया गया। जहां विद्वान न्यायाधीश ने सुनील गबेल व जितेन्द्र गबेल को दोषी पाया और उन्हें 12-12 साल की कड़ी कैद व 1-1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 4-4 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में अन्य दो आरोपी दीनदयाल व रमेश को दोष मुक्त करार दिया गया। अदालत के इन कडे़ फैसलों से नशे की तिजारत करने वालों में भय व खौफ का माहौल बनेगा और देश को बरबाद करने वाली ताकत कमजोर होगी।




