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लॉकडाउन-कोरोना संक्रमणकाल के बाद भी छत्तीसगढ़ में 23 लाख मजदूरों को दिया गया काम : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

लॉकडाउन-कोरोना संक्रमणकाल के बाद भी छत्तीसगढ़ में 23 लाख मजदूरों को दिया गया काम : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
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रायपुर | विश्व व्यापी कोरोना महामारी के बाद भी संभवत: छत्तीसगढ़ ऐसा प्रदेश हैं जहां इतने विपरीत परिस्थितियों में भी सरकार सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए अपना काम कर रही है। आज पूरे छत्तीसगढ़ में लगभग 10 हजार पंचायतों में 23 लाख से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं। यह पहली बार हुआ है कि प्रदेश में इतने मजदूरों को एक साथ काम मिला है वह भी कोरोना जैसे संक्रमण के दौर में। 

उक्त बातें आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक वीडियो कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज की खरीदी में भी अव्वल है, राज्य सरकार ने वनवासियों को तथा वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से अधिकाधिक खरीदी की है। इससे वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले और लघुवनोपज संग्रहणकर्ताओं को सीधा लाभ मिला है। इसमें महुआ, तेंदूपत्ता संग्राहक आदि शामिल है। 
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि आज कोरोना का डर और संक्रमण का खतरा सर्वत्र बना हुआ है, ऐसे में केवल छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य हैं, जहां यह काफी हद तक नियंत्रित है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों की भी वापसी हो रही है। संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए राज्य में 16 हजार 499 क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। इसके अलावा राज्य की सीमाओं में 600 से अधिक क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। बाहर से आने वाले श्रमिकों की कड़ी जांच-पड़ताल के बाद उन्हें उनके गृहग्राम के लिए रवाना किया जा रहा है, जहां वे सुरक्षा के लिहाज से 14 दिन क्वारंटाइन में रहेंगे। इसी तरह राज्य की सीमा में फंसे लोगों के लिए 600 अतिरिक्त क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। इन प्रवासी मजदूरों में कुछ कोरोना पॉजीटिव भी हो सकते हैं लिहाजा प्रशासन चौंकन्ना है और लगातार प्रशासन निगरानी कर रही है। कोरोना से हमारे जीवन में जो असर पड़ा है, इससे कोई अछूता नहीं है। लेकिन इसके बाद भी राज्य सरकार ने सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए काम करना शुरू कर दिया है। 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि-हमारी सरकार को बने पांच सौ से अधिक दिन हो गए हैं। भारी बहुमत से छग की जनता ने कांग्रेस की सरकार चुनी और इसके बाद लगातार हम लोग जनहित में फैसला करते गए। लगातार हुए चुनाव के बाद पंचायती राज के चुनाव के बाद हम चुनकर आए जनप्रतिनिधियों का सम्मान समारोह आयोजित करने वाले थे, लेकिन इसी बीच कोरोना संक्रमण प्रारंभ हो गया, जिसके चलते इसे स्थगित करना पड़ा। अभी पूरी दुनिया कोविड-19 वायरस की चपेट में है।  ऐसा कोई देश नहीं है जो न बचा हुआ हो। हमारा देश और प्रदेश भी अछूता नहीं है। लेकिन यह बताते हुए मुझे खुशी है कि प्रदेश में आज केवल चार पॉजीटिव मरीज एम्स अस्पताल में भर्ती हैं। कोरोना की लड़ाई में हम लोग सफल होते जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री ने कल कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य में बहुप्रतीक्षित योजना जिसे राजीव गांधी किसान न्याय योजना का नाम दिया गया है। इसे स्व. राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई को लांच किया जाएगा। क्योंकि राजीव जी ने गरीब, किसानों और पंचायतों को मजबूत करने का सपना देखा था। श्री बघेल ने बताया कि इस योजना से सीधे राज्य के 19 लाख किसानों के खातों में प्रथम किश्त की राशि पहुंचना शुरू हो जाएगा। लगभग 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की राशि दी जाएगी जो चार किश्तों में होगी, केवल धान उत्पादक किसानों को ही नहीं बल्कि गन्ना, मक्का के फसल लेने वाले कृषकों को भी इससे लाभ मिलेगा। है। वनांचल में रहने वाले लोगों को आर्थिक मजबूत बनोन के लिए भी लगातार राज्य सरकार प्रयत्नशील है। 
 


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