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2,897 बर्खास्त सहायक शिक्षक अनिश्चितकालीन धरने पर, कहा- मांग पूरी नहीं हुई तो यहीं खेलेंगे होली

2,897 बर्खास्त सहायक शिक्षक अनिश्चितकालीन धरने पर, कहा- मांग पूरी नहीं हुई तो यहीं खेलेंगे होली
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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के 2,897 बर्खास्त बी.एड प्रशिक्षित सहायक शिक्षक 20 जनवरी को स्थगित किए गए प्रदर्शन को एक बार फिर शुरू करते हुए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर सभी बर्खास्त शिक्षक अपना बोरिया-बिस्तर लेकर डटे हुए हैं। उनका कहना कि उनकी मांग पूरी नहीं होती तो वे होली भी यहीं मनाएंगे।

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के पहले सभी शिक्षक प्रदर्शन में जमे हुए थे लेकिन आचार संहिता लगते ही उन्हें आंदोलन स्थगित करना पड़ा। हालांकि, मामले का निराकरण करने सरकार ने कमेटी बनाई है लेकिन अब तक कोई पहल नहीं होने से प्रदर्शनकारियों में आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। अब वे कमेटी की कार्रवाई के लिए समय-सीमा तय करने की मांग कर रहे हैं, ताकी फैसला जल्द हो जाए।

क्या है पूरा मामला…?
बिलासपुर हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर को एक बड़ा फैसला सुनाया जिसमें कहा गया कि सहायक शिक्षक पद के लिए केवल डी.एड डिग्रीधारी पात्र होंगे और बी.एड धारकों की नियुक्ति रद्द की जाए। इस फैसले से 2897 सहायक शिक्षकों की नौकरी चली गई। इनमें से 56 ऐसे शिक्षक थे जिन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर सहायक शिक्षक के पद पर ज्वाईनिंग की थी।

साल 2025 के शुरूआत में इन शिक्षकों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा जिसके बाद सभी ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। बर्खास्त होने के बाद लगातार सभी शिक्षक प्रदर्शन करते रहे लेकिन 20 जनवरी को नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की आचार संहिता लगने की वजह से उन्हें धरना स्थगित करना पड़ा।



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