छत्तीसगढ़ के करीब दो हज़ार बच्चों को लाने 75 बस, एंबुलेंस और पुलिस का क़ाफ़िला कोटा के लिए होगा रवाना
रायपुर। कोटा में मौजुद छत्तीसगढ़ के बच्चों को लाने पचहत्तर बसों का क़ाफ़िला देर शाम कोटा के लिए रवाना होगा। इस क़ाफ़िले में एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ी भी पृथक से मौजुद रहेगी।राज्य सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया है कि कोटा में अभी तक की जानकारी के हिसाब से क़रीब दो हज़ार के आसपास बच्चे हैं,जिन्हें इन बसों में लाया जाएगा। बसों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। वहीं यह भी महत्वपूर्ण है कि इन सभी बच्चों को छत्तीसगढ़ आते ही राज्य सरकार क्वारनटाईन ज़ोन में रखेगी। यह अवधि चौदह दिन की होगी, इन सभी बच्चों की जाँच होगी और उसके बाद जबकि उनका अंतिम परिणाम निगेटिव आएगा, उन्हें घर रवाना कर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के सैकड़ों बच्चे राजस्थान के कोटा में फंसे हैं। कोचिंग के लिए गए इन बच्चों को लॉक डाउन से उबारने छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बच्चों और पलकों के लिए राहत वाली खबर सामने आई है। छात्रों को छत्तीसगढ़ वापस लाने की कवायद शुरू हो गई है और उन्हें वापस लाने के लिए सरकार द्वारा बसें भेजी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीटर के माध्यम से यह जानकारी साझा की है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा कि लाकडाउन के कारण राजस्थान के कोटा में फंसे विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए बस राजस्थान भेजी जा रही है। विद्यार्थियों को जल्द ही छत्तीसगढ़ लाया जाएगा।गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने सभी जिला स्तर पर कलेक्टरों को बच्चों की स्थित और संख्या पर काम करने के निर्देश दिए थे। अब बच्चों को वापस लाए जाने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई है।
लाॅकडाउन के कारण राजस्थान के कोटा में फंसे विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए बस भेजी जा रही है। विद्यार्थियों को जल्द छत्तीसगढ़ लाया जाएगा।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) April 24, 2020
पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 18 हजार विद्यार्थी अपने-अपने घर जा चुके हैं। उनमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के करीब 12 हजार 500, मध्य प्रदेश के 2800, गुजरात के 350 और दादरा-नागर हवेली के 50 बच्चे शामिल हैं। जो अपने घर लौट चुके हैं।इसके अलावा हरियाणा के 1000, असम के 400 और राजस्थान के विभिन्न जिलों के 1500 बच्चे अपने-अपने घरों के लिए शुक्रवार को रवाना हो जाएंगे। इसी तरह शनिवार को हिमाचल प्रदेश के 100, राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के 500 बच्चे बसों से और 300 बच्चे अपने निजी साधनों से घर जाएंगे।
भारत सरकार द्वारा देर से ही सही लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार को हमारे छात्रों को कोटा से वापस लाने की अनुमति देने के निर्णय का स्वागत करते हैं
— TS Singh Deo (@TS_SinghDeo) April 24, 2020
स्वास्थ्य विभाग राजस्थान में डॉक्टरों और एम्बुलेंस की एक टीम भेज रहा है!
काश पहले अनुमति मिल जाती, हम अपने बच्चों को बहुत पहले घर वापस ले आते!




