CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

बीमा कंपनी अधिकारी से 84 हजार की ऑनलाइन ठगी, बैंक कर्मचारी बन ठगों ने ऐसे लगया चूना

बीमा कंपनी अधिकारी से 84 हजार की ऑनलाइन ठगी, बैंक कर्मचारी बन ठगों ने ऐसे लगया चूना
Share

बिलासपुर। बिलासपुर जिले में एक एलआईसी अधिकारी को झांसा देकर ठगों ने 84 हजार रुपए से ज्यादा उनके खाते से निकाल लिए। बता दें कि ठगों ने कॉल कर क्रेडिट कार्ड बंद करने का झांसा दिया और अफसर से उसका नंबर व ओटीपी पूछ लिया। इसके बाद खाते से रकम निकाल ली। बताया जा रहा है कि अफसर को इस ठगी का पता दो माह बाद बैंक जाने पर चला। यह पूरा मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है।
 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जरहाभाठा निवासी मनोजीत डे एलआईसी में सहायक प्रशासनिक अधिकारी हैं और मुंगेली में पदस्थ हैं। उनके मोाबइल पर 15 दिसंबर को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और कहा कि वह अपना क्रेडिट कार्ड जारी रखना चाहते हैं तो 24 हजार रुपए वार्षिक शुल्क देना होगा।
 
 
अफसर डे ने कार्ड एक्टिवेट करने में असमर्थता जताई तो ठग ने उसे बंद करने की बात कही।जिसके बाद कार्ड का नंबर और मोबाइल पर आया ओटीपी पूछा। अफसर उन ठगों की बातों में आकर इसकी जानकारी दे दी। इसके बाद उनके कार्ड से 84,331,83 रुपए की खरीदारी कर ली गई।
 
 
बिलिंग साइकिल के दौरान कार्ड का पेमेंट भी उनके खाते से 12 जनवरी को कट गया। इसके बाद भी उन्हें पता नहीं चला। इस बीच 15 फरवरी को वह बैंक गए तो स्टेटमेंट चेक करने पर उन्हें ट्रांजेक्शन का पता चला। इसके बाद उन्होंने मंगलवार शाम एफआईआर दर्ज कराई है।


Share

Leave a Reply