BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

बाबा साहेब के विचारों पर चलकर ही बनेगा बेहतर समाज: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

बाबा साहेब के विचारों पर चलकर ही बनेगा बेहतर समाज: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल
Share

चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल में बाबा साहेब की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई, बेहतर समाज निर्माण का दिया संदेश
रायपुर। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में आज संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके संदेशों को याद किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी समानता की भावना है, जहां किसी की पहचान उसकी जाति या समुदाय से नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व और कर्म से होती है। उन्होंने कहा कि इस सोच को मजबूत करने में बाबा साहब का अतुलनीय योगदान रहा है।

उन्होंने कहा कि आज़ादी से पहले दलित, शोषित, पीडि़त और वंचित समाज के अंतिम व्यक्ति की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता था लेकिन बाबा साहब ने उनके अधिकारों, सम्मान और न्याय के लिए संघर्ष कर उन्हें मुख्यधारा में स्थान दिलाया। इस संदर्भ में उन्होंने गुरु घासीदास बाबा के मनखे-मनखे एक समान के संदेश को भी याद करते हुए सामाजिक समरसता की आवश्यकता पर जोर दिया

इस अवसर पर चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें नृत्य, गीत एवं नाट्य मंचन के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन और उनके योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के अधिकारी, चिकित्सक, छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



Share

Leave a Reply