प्रार्थना से कोरोना के ईलाज का दावा करने वाला शिक्षक हुआ गिरफ्तार, जाने कहा का है ये मामला
जगदलपुर | बस्तर जिले के बोधघाट थाना क्षेत्र के अघनपुर स्थित न्यू हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी ग्राम रानसरगीपाल प्राथमिक शाला में प्रधान अध्यापक के पद पर पदस्थ शिक्षक रामेश्वर सोनवानी का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें वह स्वयं को ईश्वर का पुत्र बताते हुए चंगाई का वरदान प्राप्त होने का दावा कर अपने प्रार्थना से 10 मिनट में कोरोना बीमारी से सभी को छुटकारा दिला देने का अंधविस्वास फैला रहा था। जिला प्रशासन ने तत्काल इसका संज्ञान में लेते हुए इनके विरुद्ध धारा 188 के तहत थाना बोधघाट में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। बोधघाट पुलिस मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार प्रधाना अध्यापक रामेश्वर सोनवानी को सीजीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे जमानत दे दी है। मानसिक रूप से दिवालियापन के जैसे बात करने वाले प्रधान अध्यापक रामेश्वर सोनवानी अपने आप को ईश्वर से वरदान प्राप्त होना बताते हुए लोगों को दिग्भ्रमित कर उनके पास प्रार्थना जैसे हथियार होने की बात विडियो में प्रचारित कर रहे थे। बड़बोला शिक्षक रामेश्वर यहीं नहीं रुका उसने यहां तक दावा कर दिया कि यदि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री उन्हें कह दे तो वह 10 मिनट में कोरोना बीमारी को देशभर से खत्म कर देंगे। रामेश्वर ने यह भी दावा किया की वह कैंसर और कई गंभीर बीमारी का इलाज प्रार्थना के जरिए कर चुके हैं, उनके सामने कोरोना एक चुटकी के समान है, जिसे दस मिनट में ठीक किया जा सकता है। ऐसे मानसिक दिवालियापन की कगार पर खड़े श्क्षिक बच्चो को क्या शिक्षा प्रदान कर रहे होंगे इसकी जांच होनी चाहिए। धर्मान्धता को बढ़ावा देने वाले शिक्षित व्यक्ति जो स्वयं शिक्षक हो उसे इस कृत्य के लिए सजा मिलनी चाहिए, प्रशासन को चाहिए कि सिविल सेवा आचरण के तहत कार्यवाही करते हुए एक नजीर पेश करे जिससे ऐसे लोगों तक कड़ा संदेश पहुंचे।




