BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

रथ यात्रा के बाद अब कांवर यात्रा पर भी कोरोना का लगा ग्रहण, 6 जुलाई से लगेगा सावन

रथ यात्रा के बाद अब कांवर यात्रा पर भी कोरोना का लगा ग्रहण, 6 जुलाई से लगेगा सावन
Share

महासमुंद | कोरोना वायरस के चलते इस बार धार्मिक आयोजन पर ग्रहण लग गया है। नवरात्र में पहली बार भक्तों ने अपने-अपने घरों में पूजा-अर्चना कर पर्व का मनाया। नवरात्र में नौ दिनों तक मंदिर में प्रवेश वर्जित था। मुस्लिम भाइयों ने भी कोरोना के चलते ईद का पर्व उत्साह से नहीं मनाया। अब 23 जून को हिंंदुओं का बड़ा पर्व रथ यात्रा है। यह पर्व भी कोरोना के चलते फीका पड़ गया। ग्रामीण अंचल से लोग शहर में दर्शन के लिए नहीं आ सकते, क्योंकि पहली बार महाप्रभु की रथ यात्रा पर रोक लग गई है। मंदिरों में ही दर्शन होंगे, वे भी नियमों व शर्तों के अनुसार। रथ यात्रा पर्व के बाद 6 जुलाई को सावन लग रहा है। सावन महीने में शिव भक्तों का अलग ही उत्साह रहता है। भक्त कांवर में जल लेकर 40 किमी की दूरी तय कर सिरपुर स्थित गंधेश्वर महादेव में जलाभिषेक करते हैं। इस बार प्रदेश में धारा 144 लागू है। वहीं लॉकडाउन भी चल रहा है। इसके तहत कांवर यात्रा इस वर्ष नहीं हो पाएगी। सिरपुर, कनेकेरा, बम्हनी दलदली के महादेव मंदिर जाने वाले शिवभक्त कांवर यात्रा नहीं कर पाएंगे। वहीं कोरोना की वजह से प्रशासन की ओर से लगाई पाबंदी को देखते हुए बोलबम समिति की बैठक नहीं हो पाई है। सावन लगने में सिर्फ पखवाड़े भर का समय शेष रह गया है। 6 जुलाई से सावन माह प्रारंभ होने जा रहा है, लेकिन आयोजन को लेकर बोलबम कांवर यात्रा समिति की फिलहाल अभी तक बैठक ही आहूत नहीं हो पाई है। समिति अध्यक्ष थनवार यादव का कहना है कि आगामी रविवार को समिति की बैठक आहूत की गई है। आयोजन नहीं करने समिति सदस्यों को जानकारी दी जाएगी और चर्चा की जाएगी। प्रशासन ने जब रथयात्रा के लिए अनुमति नहीं दी है तो कांवर यात्रा के लिए अनुमति मुश्किल है। 

दर्शन पर नहीं है पाबंदी 
अध्यक्ष ने बताया कि श्रद्धालुओं के गंधेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। इसके लिए शासन के नियमों का पालन किया जाएगा। व्यवस्था बनाने के लिए बैठक में कार्ययोजना बनाई जाएगी। 
बम्हनी से सिरपुर, दलदली व कनेकेरा जाते हैं यात्री
सावन माह में कांवर यात्री बम्हनी के श्वेत गंगा से जल लेकर सिरपुर के गंधेश्वर महादेव, दलदली स्थित दलेश्वर महादेव और कनेकेरा स्थित कनेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने जाते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार से दो दिन पूर्व कांवरिए यहां पहुंचते हैं और जल लेकर यात्रा प्रारंभ करते है। बता दें कि सावन माह में प्रतिवर्ष 40 हजार से भी अधिक कांवरिए जलाभिषेक के लिए यहां आते हैं।
 


Share

Leave a Reply