CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

शिक्षा को आधुनिक और समावेशी बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका अहम : बृजमोहन अग्रवाल

शिक्षा को आधुनिक और समावेशी बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका अहम : बृजमोहन अग्रवाल
Share

 रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल बुधवार को नई दिल्ली में “शिक्षा में एआई का परिचय” विषय पर आयोजित शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।

बैठक में अग्रवाल ने शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समावेश को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि एआई न केवल शिक्षण पद्धतियों को आधुनिक बनाएगा, बल्कि छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेगा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक का उपयोग भारतीय शिक्षा व्यवस्था की मूल भावना और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकें।

बैठक के दौरान कोलंबिया यूनिवर्सिटी, अमेरिका के वाइस डीन डॉ. विशाल मिश्रा ने शिक्षा के क्षेत्र में एआई के बढ़ते प्रभाव, इसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एआई व्यक्तिगत शिक्षण, मूल्यांकन प्रणाली और शिक्षकों की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत जैसे युवा देश के लिए एआई आधारित शिक्षा नवाचार का माध्यम बन सकती है, बशर्ते इसे समावेशी, नैतिक और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाए। उन्होंने सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे डिजिटल और तकनीकी सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल भारत को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में और मजबूत करेगी। बैठक में उच्चतर शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञों एवं संसदीय सदस्यों ने भी अपने विचार साझा किए।



Share

Leave a Reply