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राज्य में मानसून का पता लेकर आए एशियन ओपन बिल स्टार्क पक्षी, पढ़ें पूरी खबर

राज्य में मानसून का पता लेकर आए एशियन ओपन बिल स्टार्क पक्षी, पढ़ें पूरी खबर
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कोरबा |  जिले की ऐतिहासिक नगरी कनकेश्वर धाम कनकी में इन दिनों प्रवासी पक्षियो ने अपना डेरा डाल दिया है। हर वर्ष ये पक्षी मानसून के आने का पैगाम लेकर आते है। अनुकूल वातावरण और पर्याप्त भोजन उन्हें यहां खींच लाता है। प्रजनन के लिए पहुंचने वाले पक्षी के आते ही ग्रामीणों में खुशियां बढ़ जाती है। कोरबा जिला मुख्यालय से 20 कि. मी. दूर स्थित सुप्रसिद्ध कनकेश्व धाम कनकी गांव की शिव मंदिर विशेष पहचान है। स्वछंद आकाश में विचरण कर रहे पक्षी हजारों मील की यात्रा तय कर कनकी पहुंचे है। ये पक्षी एशियन ओपन बिल स्टार्क दक्षिण पूर्व एशिया, मुख्य रूप से पाकिस्तान, श्रीलंका और दक्षिण भारत में पाए जाते है। इन खूबसूरत पक्षियों के आने का समय मई महीने से मानसून शुरू होने तक रहता है। जुलाई से सितम्बर तक पेड़ों में अंडा देने के लिए घोंसला बनाते है। अंडे से बच्चा देने के बाद अक्टूबर में प्रवासी पक्षी वापस अपने देश लौट जाते है। लिटिल कारमोरेन्टस जल मुर्गी और एशियन ओपन बिल स्टार्क दोनो प्रवासी पक्षियों की संख्या 3000 से अधिक होती है। ग्रामीणों की माने तो प्रवासी पक्षियों के दस्तक से गांव में खुशहाली दौड़ जाती है। या यूं कहे कि पक्षियो का झुंड, गांव में मानसून का संदेश और गांव की खुशहाली लेकर आता है। यही कारण है कि ग्रामीण इन पक्षियों का शिकार करने वाले शिकारियों को उल्टे पांव भगाते है। 

प्रवासी पक्षी पिछले कई दशको से हजारों मिल यात्रा कर कनकी पहुंच रहे है। पर्याप्त भोजन और हसदेव नदी का किनारा होने के कारण नमी इन पक्षियों को सुकून देता है। वन विभाग ने प्रवासी पक्षी धाम कनकी का बोर्ड भी लगाया है। ताकि आने वाले पर्यटकों को इसकी जानकारी मिल सके। प्रवासी पक्षियो को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो इसलिए वनकर्मी इन पक्षियों पर खास नजरें रखे हुये है। वन मंडल कोरबा द्वारा संरक्षण की दिशा में लैंको संयंत्र के सहयोग से पक्षियों के घोंसलें को बिल्ली से बचाने पेड़ों में काटा तार लगाया गया। साथ ही आकाशीय बिजली से बचाने के लिए तडित चालक लगाया गया है। कुछ वर्ष पहले हुदहुद तूफान और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 300 से अधिक पक्षियों की मौत हो गई थी। कोरबा वन मंडल के करतला वन परिक्षेत्र के ग्राम कनकी में प्रवासी पक्षियो को देखने पर्यटक भी आ रहे है। 
 


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