बैंकों और ई कॉमर्स कंपनियों देश के व्यापारियों के लिए बड़ी खलनायक: कैट
रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि देश के कुछ प्रमुख बैंकों को व्यापारियों के लिए एक बड़े खलनायक का दर्जा देते हुए, कैट ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक ज्ञापन भेज कर शिकायत की है। विभिन्न बैंकों ने अमेजन और वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट सहित अन्य ई कॉमर्स कंपनियों पर बैंकों पर, ई कॉमर्स कंपनियों के साथ अवैध साठ-गाँठ और व्यापारियों और लोगों के साथ भेद-भाव करने का बड़ा आरोप लगाया है। इस सारे मामले की तुरंत जांच की मांग की है। अपनी शिकायत में कैट ने कहा कि अमेजन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई कॉमर्स कंपनियों के ऑनलाइन पोर्टल से माल की खरीद करने पर, कुछ प्रमुख बैंकों ने10 प्रतिशत कैश बैक या डिस्काउंट दिया जा रहा है। जिससे देश के व्यापारियों का बड़ा अहित हो रहा है।
कैट ने बैंकों पर ई कॉमर्स कंपनियों के साथ मिलकर एक कार्टल बनाने का आरोप नहीं लगाया है। जो सीधे तौर पर अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है। कैट ने बैंकों पर देश के लोगों के मौलिक अधिकार के हनन तथा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फेयर प्रैक्टिस कोड के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। कैट ने यह भी कहा है की बैंक और ई कॉमर्स कंपनियों का नापाक गठजोड़ कम्पटीशन एक्ट 2002 का भी सीधे तौर पर उल्लंघन करता है।
वित्त मंत्री को भेजे अपने ज्ञापन में कैट ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर हम आपके दरवाजे पर दस्तक देने को मजबूर हो गए हैं। क्योंकि देश के अनेक बैंक अपनी मनमर्जी से ई कॉमर्स कंपनियों के साथ अपवित्र गठबंधन कर देश के व्यापारियों के व्यापार को प्रतिस्पर्धा से बाहर रखने के षड्यंत्र में लिप्त हैं।
वित्त मंत्री के तौर पर आप इस मामले का तुरंत संज्ञान लें और बैंकों की इस मनमानी को तत्काल रोकें और तुरंत इस गंभीर मामले की जांच कराई जाए की आखिरकार बैंक किस आधार पर 10 प्रतिशत का कैश बैक या डिस्काउंट ई कॉमर्स पोर्टल से खरीद पर दे रहे हैं। कैट ने इस आशय का एक ज्ञापन केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल को भी भेज कर इस मुद्दे पर उनके हस्तक्षेप का आग्रह किया है।




