CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

बस्तर जिले में बाल विवाह के खिलाफ पहली एफआईआर हुई दर्ज

बस्तर जिले में बाल विवाह के खिलाफ पहली एफआईआर हुई दर्ज
Share

 जगदलपुर। बस्तर जिले में बाल विवाह के खिलाफ पहली बार सख्त कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल संरक्षण विभाग की पहल पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज किया गया हैमिली जानकारी के अनुसार यह घटना जगदलपुर ब्लॉक की है, जहां 21 मार्च 2026 को एक विवाह समारोह संपन्न हुआ था। शुरुआत में यह सामान्य विवाह प्रतीत हुआ, लेकिन शिकायत के बाद हुई जांच में सामने आया कि वधु की उम्र 18 वर्ष से कम थी। जांच में पुष्टि के बाद बाल संरक्षण विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कराया। इस प्रकरण में वर और वधु पक्ष के कुल 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है। बता दें कि बाल विवाह को लेकर बस्तर जिले में पिछले चार वर्षों में 15 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में पहले केवल समझाइश देकर छोड़ दिया गया था।

उल्लेख्निय है कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह अपराध है। बाल विवाह में सहयोग या शामिल होने वालों को अधिकतम 2 साल सजा या 1 लाख तक जुर्माना, कुछ मामलों में दोनों का प्रावधान है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।



Share

Leave a Reply