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बड़ा फैसला: स्कूलों में रघुपति राघव और वैष्णव जन का होगा नियमित गायन, जानिये क्या है कारण

बड़ा फैसला: स्कूलों में रघुपति राघव और वैष्णव जन का होगा नियमित गायन, जानिये क्या है कारण
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राज्य के बच्चों में राष्ट्रीय एकता व समरसता की भावना को मजबूत करने के लिए शासन ने लिया निर्णय
रायपुर, मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि राज्य के बच्चों को गांधीजी के विचारों से संस्कारित करने के लिए उनके दो प्रिय भजनों `रघुपति राघव राजा राम` और `वैष्णव जन तो तेने कहिए जी..` का नियमित गायन छत्तीसगढ़ के स्कूलों में किया जाएगा।
श्री बघेल ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रीमती इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी और पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व में महात्मा गांधी के मूल्यों की मौजूदगी सबसे बड़ी समानता रही। इन दोनों ही विभूतियों के जीवन को गांधीजी के ही विचारों ने गढ़ा था। इन विभूतियों की स्मृतियों से जुड़ी तारीख 31 अक्टूबर को उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके प्रेरणा-पुरुष महात्मा गांधी के विचारों के माध्यम से से राज्य के बच्चों में सामाजिक एकता और समरसता की भावना को मजबूत किया जाएगा। पूरी दुनिया में बदलते हुए सामाजिक-राजनैतिक परिवेश में गांधी जी के प्रिय भजनों की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। आज आवश्यकता इस बात है कि इन भजनों की मूल भावना को आत्मसात करते हुए उन्हें जीवन में अपनाया जाए। राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द्र भारत का मूल स्वभाव है। राजनीति को सेवा का माध्यम बनाने के लिए हम सब का कर्तव्य है कि अभाव ग्रस्त, पीड़ितों, दीन-दुखियों की पीड़ा को महसूस कर उनकी हर संभव सहायता करें।
 



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