CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

छत्तीसगढ़ में GST की बड़ी कार्रवाई: 25 ठिकानों पर एक साथ छापा, 10 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी पकड़ी गई

छत्तीसगढ़ में GST की बड़ी कार्रवाई: 25 ठिकानों पर एक साथ छापा, 10 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी पकड़ी गई
Share

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य जीएसटी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, रायगढ़ और जगदलपुर में एक साथ छापेमारी की। यह रेड गुटखा, कपड़े, ट्रांसपोर्ट, जूते और ड्रायफ्रूट जैसे कारोबारों से जुड़े कारोबारियों के दफ्तरों और गोदामों पर की गई।

छापा पड़ते ही कई जगहों पर अफरा-तफरी मच गई। जांच में सामने आया कि इन फर्मों ने करोड़ों का टर्नओवर दिखाया, लेकिन टैक्स न के बराबर या बिल्कुल नहीं भरा। दस्तावेजों की जांच में कई फर्मों द्वारा बोगस बिलिंग और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का मामला उजागर हुआ है।

राज्य जीएसटी स्पेशल कमिश्नर टीएल ध्रुव ने साफ किया है कि टैक्स चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग अब सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी पेनाल्टी के साथ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। करीब 10 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की पुष्टि के बाद सभी फर्म संचालकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

छापे के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ कारोबारियों के पास न तो अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर था और न ही पूरे लेन-देन का कोई रिकॉर्ड। सारा कारोबार कच्चे बिलों और फर्जी दस्तावेजों के दम पर चलाया जा रहा था।

 


Share

Leave a Reply