CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

कोविड वार्ड में बड़ी लापरवाही: कोरोना मरीज की मौत के बाद मर्च्यूरी में रख दी गई थी लाश, खाना भिजवाते रहे परिजन

कोविड वार्ड में बड़ी लापरवाही: कोरोना मरीज की मौत के बाद मर्च्यूरी में रख दी गई थी लाश, खाना भिजवाते रहे परिजन
Share

अंबिकापुर, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में लापरवाही का मामला सामने आया है। संक्रमित मरीज की मौत के बाद भी परिजनों को इसकी सूचना नहीं दी गई। करीब 17 घंटे बाद परिजनों को मरीज की मौत की जानकारी हुई।
मरीज के परिजन कोविड वार्ड में भर्ती अपने परिजन के लिए खाना भिजवाते रहे मगर करीब 17 घंटे पहले ही मरीज की मौत हो चुकी थी ऐसे में जब अस्पताल प्रबंधन से किसी तरह की सूचना नहीं मिली तो मरीज के परिजन खुद पीपीई कीट पहनकर आईसीयू पहुंचे। यहां मरीज को न पाकर जब परिजनों ने हंगामा शुरू किया तब उन्हें पता चला कि मरीज की मौत के बाद शव को मर्च्यूरी में रख दिया गया है।
वहीं लापरवाही की इस घटना के बाद अब मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन हर बार की ही तरह जांच और कार्रवाई की बात कह रहा है। दरअसल सूरजपुर जिले के रहने वाले एक वृद्ध को पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेसन वार्ड में भर्ती कराया गया था। पॉजिटिव आने पर मरीज को आईसीयू में दाखिल किया गया था।
मरीज के परिजन दो टाइम तक मरीज को खाना पहुंचाने के लिए अस्पताल कर्मियों को देते रहे और अस्पताल कर्मी मरीज के परिजनों को खाना पहुंचाने के लिए आश्वस्त भी करते रहे। मगर करीब 17 घंटे बाद एक बार भी परिजनों की बात मरीज से नहीं हुई तो उन्होंने खुद पीपीई किट पहनकर आईसीयू में मरीज कि तलाश की।
तब मरीज वहां मौजूद नहीं था ऐसे में वार्ड बॉय ने जानकारी दी कि मरीज की मौत करीब 17 घंटे पहले ही हो चुकी है और उसके शव को मर्च्यूरी में रख दिया गया है। परिजनों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए इसकी शिकायत मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन से की है। इधर मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कह रहा है।
 



Share

Leave a Reply