CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

बड़ी खबर: कोरोना से पति की मौत के बाद पत्नी ने खुद को लगाई आग

 बड़ी खबर: कोरोना से पति की मौत के बाद पत्नी ने खुद को लगाई आग
Share

कोरबा। कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से पति की मौत हो जाने की घटना पत्नी बर्दाश्त नहीं कर सकी और वियोग में अग्निस्नान कर ली। शत प्रतिशत जली अवस्था में उसे उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। 13 दिनों तक मौत और जीवन के बीच संघर्ष करने के बाद अंतत: उसने भी दम तोड़ दिया। 

जानकारी के अनुसार यह हृदयविदारक घटना शहर में स्थित आरामशीन बस्ती की है। यहां रहने वाला सतीश दास महंत का विवाह करीब एक साल पहले कुसमुंडा क्षेत्र के पंडरीपानी निवासी मीना दीवान 30 साल के साथ हुई थी। मीना स्वास्थ्य विभाग में कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर सीएचओ के पद पर पदस्थ थी। हाल ही में उसका तबादला करतला ब्लाक के नवापारा में हो गया था। कोरोना की दूसरी लहर इस दंपति पर कहर बन कर टूटा। बताया जा रहा है कि मीना का पति सतीश संक्रमण की चपेट में आ गया, उसे उपचार के लिए कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा सके। नौ जून को उसकी मौत हो गई। प्रोटोकाल का पालन करते हुए सतीश का अंतिम संस्कार परिजनों ने किया। यह सदमा मीना बर्दाश्त नहीं कर सकी और अंतिम संस्कार कर परिजन घर पहुंचते, उसके पहले ही मिट्टी तेल छिड़क कर खुद को आग के हवाले कर लिया। किसी तरह उसे आग की लपटों से बचाया गया और स्थानीय अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया। हालत बेहद नाजूक होने की वजह से उसे गहन उपचार के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया था। मीना ने सोमवार को अस्पताल में अंतिम सांसे ली। यह खबर मिलत ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। उसका अंतिम संस्कार पंडरीपानी गृहग्राम में किया गया।


Share

Leave a Reply