बड़ी खबर : अतितिक्त तहसीलदार हुआ कोरोना संक्रमित, 10 दिन में कराया 64 मृत कोरोना संक्रमितो का अंतिमसंस्कार
रायपुर, कोरोना काल में जहाँ एक और शासन प्रशासन इसके इलाज के लिए मुस्तैद है, वहीं जिन व्यक्तियों की संक्रमण से मृत्यु हुई है उनके अंतिम संस्कार का जिम्मा भी प्रशासन पर है। केंद्र सरकार के आदेश व कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार तय नियमों के तहत किया जाता है। रायपुर में पिछले महीने से कोरोना संक्रमण से हुई मौत में मामलों में वृद्धि हुई है, अब रोजाना औसतन 20 मौतों का मामला दर्ज हो रहा है। ऐसे में मृतक संक्रमितों का अंतिमसंस्कार एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। जिला प्रशासन को अधिकारी कर्मचारियों के लगातार कोरोना संक्रमित हो रहे मामलों को नजर अंदाज न करते हुए विभागीय रोस्टर के अनुसार कर्तव्य पर मुस्तैद करने की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि सामान्यतः जिले में एक ही अधिकारी और कर्मचारी को कोरोना संक्रमितों की देखभाल से लेकर अंतिमसंस्कार तक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे कर्तव्य पर मुस्तैद अधिकारी-कर्मचारी संक्रमण की जद में आ रहे है। इसी संक्रमण की जद में आने से कुछ ही दिन पूर्व शहर में एक पंजीयन अधिकारी की मौत भी हो गई।
रायपुर के अतिरिक्त तहसीलदार अश्वनी कंवर ने चर्चा में बताया कि कोरोना काल के दौरान 10 दिनों में उन्होंने 64 संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार करवाया। कंवर यह जानते थे कि वे कभी भी कोरोना की जद में आ सकते है, उन्होने अपना कर्तव्य बखूबी निभाया। लेकिन आखिरकार संक्रमण ने उन्हें अपनी चपेट में ले ही लिया। फिलहाल वे अभी छुट्टी में है और अपना इलाज करवा रहे है। इस दौरान इस कार्य का बीड़ा उनके साथी अतिरिक्त तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू ने उठाया है। कंवर के संक्रमित होने के बाद उनके साथी कृष्ण कुमार साहू ने 4 सितंबर से अब तक 167 से ज्यादा संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार कराया है। इस दौरान वे सभी प्रकार की सावधानियों का पालन कर रहे है, लेकिन खतरा बना हुआ है।
इस तरह के माहौल को देखते हुए प्रशासन को तय करना चाहिए कि स्वास्थ्य कर्मियों की भांति प्रशासनिक अमले को भी संक्रमण की जद से बचने विभागीय रोस्टरानुसार अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनात किया जाए, ताकि एक ही अधिकारी अथवा कर्मचारी पर संक्रमण का खतरा न बना रहे।




