बड़ी खबर : करोंड़ो रूपये की ठगी करने वाले चिटफंड कम्पनी महानदी एडवायजरी कम्पनी के डायरेक्टर को किया गया गिरफ्तार
धमतरी : अपराध कमांक - 126 / 2019 धारा 420, 34 भादवि ईनामी चिटफंड एवं धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिश की धारा 4, 5, 6 एवं छ.ग. निक्षेपको के हितो के संरक्षण अधि0 की धारा 6, 10
महानदी एडवायजरी चिटफंड कंपनी द्वारा निवेशकों से किये गये करोड़ो रूपये की धोखाघड़ी के मामले में मुख्य आरोपी मयंक सोनकर गिरफ्तार
फरार मुख्य आरोपी की विगत ढाई वर्षों से सतत की जा रही थी पतासाजी, संभावित हर स्थानों में दी गई थी दबिश
फरार मुख्य आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार बदल रहा था अपना पता ठिकाना एवं मोबाईल नम्बर
आरोपी से 01 नग एन्ड्रायड मोबाईल, 03 नग एटीएम कार्ड व पैन कार्ड किया गया जप्त
पूर्व में 03 आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप एवं पुलिस महानिदेशक महोदय छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार चिटफंड अधिनियम के तहत् दर्ज प्रकरणों में फरार आरोपियों की सतत पतासाजी कर गिरफ्तार करने एवं निवेशकों की धन वापसी की कार्यवाही हेतु पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के द्वारा लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पॉल के मार्गदर्शन में चिटफंड के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए फरार आरोपियों की सतत पतासाजी हेतु लगातार प्रयास किया गया। जिसमें महानदी एडवायजरी चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर मुख्य आरोपी मयंक सोनकर को गिरफ्तार करने में धमतरी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना सिटी कोतवाली धमतरी क्षेत्रान्तर्गत स्थित कुशल काम्पलेक्स बठेना अस्पताल धमतरी के सामने वर्ष 2010 से 2016 तक महानदी एडवायजरी कम्पनी का ब्रांच ऑफिस खोलकर आम लोगों से लोक लुभावना वादा कर कम समय में अधिक पैसा रिटर्न करने का प्रलोभन देकर निवेशकों से उनकी मेहनत की कमाई को निवेश कराकर महानदी कम्पनी के डायरेक्टर मयंक सोनकर, कुलेश्वर सोनकर एवं यशवंत सोनकर तथा हेमंत देवांगन व चित्रसेन साहू के द्वारा निवेश की गई राशि को दुर्भावना व कपट पूर्वक अपने स्वयं के हितों में उपयोग कर धोखाघड़ी किया गया। प्रार्थी मोरध्वज कुम्भकार निवासी सेमरा थाना भखारा की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली धमतरी में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण की कायमी के उपरांत से ही आरोपीगण गिरफ्तारी से बचने का प्रयास करते हुए फरार होकर लगातार अपना पता ठिकाना बदलते हुए लुक-छिप रहे थे, जिनकी हर संभावित स्थानों में पता तलाश किया गया तथा पूर्व में भी टीम तैयार कर बंगलोर एवं हैदराबाद रवाना किया गया, किन्तु आरोपीगण अपराध कायमी दिनांक से फरार होकर




