बड़ी खबर: रायपुर में बूढ़ातालाब सौंदर्यीकरण के दौरान सप्रे शाला में किये जा रहे निर्माण कार्य में रोक लगाने से हाई कोर्ट ने किया इनकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ से इस वक्त एक खबर सामने आ रही है की राजधानी रायपुर के महापौर एजाज ढेबर द्वारा ऐतिहासिक बूढ़ा तालाब को प्रदेश का सबसे सुन्दर पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किए जाने का कार्य चल रहा है। जिसके लिए सप्रे शाला स्कूल मैदान व दानी गर्ल्स स्कूल प्रांगण के डेड एरिया का उपयोग किया जा रहा है। जिसको लेकर डॉ. अजित ड़ेगरेकर ने बिलासपुर हाईकोर्ट कोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी। दायर याचिका की सुनवाई करते हुए आज बिलासपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की युगल पीठ ने अंतरिम आदेश देने से मना कर दिया है। साथ ही कहा है कि शासकीय कार्य में कोई भी दखल नहीं देगा, नगर निगम रायपुर द्वारा कराया जा रहा सौंदर्यीकरण कार्य आगे भी जारी रहेगा।
पढ़िए पूरी खबर-
बता दें कि डॉ. अजित ड़ेगरेकर ने इसके विरोध में हाईकोर्ट में याचिक दायर की थी। रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर एवं आयुक्त के खिलाफ लगाई गई याचिका में हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। वकील देवर्शी ठाकुर ने अजित डेगरेकर की तरफ से अपना पक्ष रखा। वहीं रायपुर महापौर एवं कमिश्नर की तरफ से वकील पीयूश भाटिया पेश हुए। जिसमें हाईकोर्ट ने शासकीय काम में दखल न देनें की बात कही है याचिका में उल्लेख किया गया है कि सप्रे शाला और दानी स्कूल में 50 से ज्यादा पेड़ काटे गए हैं। मैदान को छोटा किया जा रहा है। साथ ही उल्लेख किया गया है कि इसके लिए टेंडर भी जारी नहीं किया गया है।
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रायपुर नगर निगम की तरफ से दाखिल जवाब में यह कहा गया कि नगर निगम द्वारा एक भी पेड़ नहीं काटा गया है। मैदान में निर्माण कार्य चल रहा है और इंटरनेशनल फुटबॉल मैदान का स्वरूप दिया जाना जाना है। यहां बैठने की भी सुविधा होगी। यह भी कहा गया है कि दानी स्कूल का भवन जर्जर हो चुका था। यह कभी भी गिर सकता था। जो जानलेवा साबित हो सकता था। इसके नए सिरे से निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया का पूरा पालन किया गया है। कोर्ट ने मामले में अंतरिम आदेश पारित करने से मना कर दिया है। नगर निगम की तरफ से अधिवक्ता पीयूष भाटिया ने पैरवी की।




