भाजपा विधायक दल ने सेस राशि के दुरूपयोग पर महालेखाकार को ज्ञापन सौंपा
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा की जा रही सेस (उपकर) राशि के दुरूपयोग पर महालेखाकार, लेखा एवं हकदारी, भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग,छत्तीसगढ़ रायपुर को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन अंतर्गत दो मई 2020 एवं 15 मई 2020 से क्रमश: ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 महामारी के फैलाव के विरूद्ध अधोसंरचना के उन्नयन एवं कोरोना महामारी (कोविड-19) को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक राशि की प्रतिपूर्ति के लिए देशी एवं विदेशी मदिरा के फुटकर विक्रय दर पर प्रति नग (बोतल, अद्धा एवं पाव) रूपये 10 एवं 10 प्रतिशत की दर से विशेष कोरोना शुल्क अधिरोपित करते हुए दिनांक 03 मार्च 2021 की स्थिति में कुल राशि लगभग 3.64.07 करोड़ रूपये वसूल की गई। इसके साथ-साथ दिनांक 1 अप्रैल 2020 से गौठान के विकास तथा रखरखाव के लिए राशि की आवश्यकता की प्रतिपूर्ति के लिए देशी एवं विदेशी मदिरा (स्प्रिट)(न्यूनतम ड्यूटी दर) से फुटकर विक्रय दर पर प्रतिनग (बोतल, अद्धा एवं पाव) रूपये 5 रूपये की दर से अतिरिक्त आबकारी शुल्क अधिरोपित करते हुए लगभग 156.00 करोड़ रूपये वसूल की जा चुकी है।
किन्तु 31 जनवरी 2021 तक स्वास्थ्य विभाग को कोरोना के लिए कोई भी राशि प्रदान नहीं की गई है, इसके व्यय के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नई औद्योगिक उन्नयन विकास निगम हेतु द्वितीय अनुपुरक में 200.00 करोड़ रूपये की राशि रखी गई है। इसी प्रकार पंचायत/कृषि विभाग को एक भी राशि नहीं दी गई है, बल्कि उस राशि का उपयोग गोधन न्याय योजना अंतर्गत व्यय की जा रही है जो सेस राशि का दुरूपयोग है।
भाजपा विधायक दल ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सेस राशि के दुरूपयोग पर कड़ी कार्यवाही का आग्रह महालेखाकार से किया है। महालेखाकार को ज्ञापन सौपने वाले विधायकों में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, अजय चन्द्राकर, बृजमोहन अग्रवाल, शिवरतन शर्मा, नारायण चंदेल, सौरभ सिंह, पुन्नलाल मोहल्ले, रंजनीश सिंह, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, श्रीमती रंजना साहू एवं डमरूधर पुजारी शामिल है।




