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BREAKING NEWS : आयुष्मान योजना की प्रोत्साहन राशि वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें, स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर बनी जांच समिति

BREAKING NEWS : आयुष्मान योजना की प्रोत्साहन राशि वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें, स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर बनी जांच समिति
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 रायपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत शासकीय अस्पतालों में योजना के अधीन मरीजों के उपचार को बढ़ावा देने के लिए उपचार में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है। इस राशि को लेकर कुछ अस्पतालों में गलत जानकारी देकर राशि लेने की शिकायत मिली है, जिसकी जांच के लिए समिति का गठन कर लिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में दी गई जानकारी के मुताबिक प्रोत्साहन राशि देने के लिए राज्य नोडल एजेंसी द्वारा एक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर बनाया गया है। जिसमें संबंधित कर्मचारियों के खाते में सीधे राशि हस्तांतरित की जाती है। कर्मियों के खातों की जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा संचालित पोर्टल के माध्यम से ली जाती है। इस पोर्टल में पूरे स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों- कर्मचारियों की जानकारी उपलब्ध होती है।

प्रोत्साहन राशि पाने की यह है प्रक्रिया

उपचार में शामिल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की पूरी जानकारी राज्य नोडल एजेंसी द्वारा संचालित सॉफ्टवेयर में अस्पताल में कार्यरत आयुष्मान योजना से संबंधित कर्मचारी के द्वारा ही उपलब्ध करायी जाती है और इसके लिए पूरी तरह अस्पताल प्रभारी ही जिम्मेदार होता है। जानकारी अपलोड किए जाने के बाद जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से इसका परीक्षण किया जाता है कि कोई गलत जानकारी तो नहीं भेजी जा रही है। इसके बाद राज्य नोडल एजेंसी में कार्यरत कर्मियों के द्वारा भी इसका परीक्षण किया जाता है। कोई जानकारी गलत लगने पर संबंधित अस्पताल को आपत्ति लगाकर सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही जानकारी वापस भेज दी जाती है।

जांच के लिए समिति का हुआ गठन

प्रोत्साहन राशि को लेकर कुछ जिलों से शिकायतें भी मिल रही थी। इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए थे। इस आधार पर सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग आर प्रसन्ना के दिशा निर्देश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भीम सिंह द्वारा एक जांच समिति का गठन कर दिया गया है। समिति को तत्काल जांच प्रतिवेदन मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन के आधार पर अगर कोई गलती पायी जाती है तो सख्त कार्यवाही तय है

स्वीकृत क्लेम राशि का 34 फीसदी ही प्रोत्साहन राशि

प्रोत्साहन राशि का 45% मुख्य उपचारकर्ता चिकित्सक को व 15% राशि सहायक चिकित्सक को तथा शेष राशि अन्य क्लिनिकल, नर्सिंग, चतुर्थ श्रेणी एवं डाटा एंट्री स्टाफ को प्राप्त होती है।

दुगुने हो गए क्लेम, बढ़ी सुविधाएं

प्रोत्साहन राशि वितरण किए जाने से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ खूब चंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत उपचार के लिए शासकीय अस्पतालों में ब्लॉक किए जाने वाले प्रकरणों की संख्या में पहले की तुलना में दुगुनी से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। जिसके चलते अस्पताल प्रबंधन को भी अस्पताल के आवश्यक कार्यों के लिए अधिक राशि प्राप्त हो रही है। जिसे अस्पताल की अधोसंरचना के विकास में खर्च किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी अब नजर आने लगे हैं।



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