केन्द्र का दावा छत्तीसगढ़ में वैक्सीन के 3.39 लाख डोज उपलब्ध, फिर भी राज्य में किल्ल्त
रायपुर। देश में भारत सरकार कोरोना वैक्सीनेशन को अभियान के रूप में चला रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ इन दिनों वैक्सीन के एक-एक डोज के लिए तरस रहा है। राजधानी रायपुर में भारत सरकार के गाइडलाइन के अनुसार 45+ आयु के लोगों के लिए ही वैक्सीन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पा रही है, तो बड़ा सवाल यह भी है कि 1 मई से शुरू होने जा रहे 18+ के लोगों के लिए वैक्सीनेशन किस तरह सुचारू होगा।
इसी बीच भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को अब तक दिए गए वैक्सीन और राज्यों में उपलब्ध डोज की जानकारी साझा की है, जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि छत्तीसगढ़ को अब तक 59 लाख 16 हजार 550 डोज दिए गए हैं, जिसमें से अभी राज्य सरकार के पास 3 लाख 38 हजार 963 डोज उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि अगले दो दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ को 2 लाख नए डोज उपलब्ध कराए जाएंगे।
लेकिन छत्तीसगढ़ की धरातलीय स्थिति वैक्सीनेशन को लेकर कुछ और ही बयां कर रही है। यहां पर वैक्सीनेशन अभियान लगभग थमने के कागार पर पहुंच गया है। राज्य के निजी अस्पतालों में वैक्सीनेशन लगभग 10 दिन पहले से ही वैक्सीन की कमीं के चलते बंद हो गई है, वहीं सरकारी वैक्सीनेशन केन्द्रों में भी अब डोज नहीं होने की बात सामने आ रही है।
रायपुर के वार्ड क्रमांक 42 पंडित सुंदर लाल शर्मा के पार्षद मृत्युंजय दुबे ने बताया कि बुधवार को पंडित सुन्दर लाल शर्मा स्कूल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वैक्सीनेशन होना था। इसकी सूचना पहले से ही वार्ड के नागरिकों को भी दी गई थी। सूचना के अनुसार वार्ड के 45 साल से अधिक उम्र के नागरिक वैक्सीनेशन से पहले पंजीयन प्रारंभ भी करवा लिया, इस दौरान लगभग 30 नागरिकों को वैक्सीन लगाया भी गया, फिर वैक्सीन नहीं होने की बात कहकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वैक्सीनेशन बंद कर दिया।
पार्षद मृत्युंजय दुबे ने बताया कि वैक्सीनेशन बंद होने की जानकारी जोन अध्यक्ष और कमिश्रर को दी गई, लेकिन उन्होंने भी वैक्सीन की डोज नहीं होने की बात कही। मृत्युंजय दुबे ने इसके बाद सीएमएचओ मीरा बघेल से दूरभाष पर चर्चा की। मीरा बघेल ने भी वैक्सीन की स्टॉक नहीं होने की बात कही।
अब यहां पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब केन्द्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक राज्य के पास वैक्सीन की डोज उपलब्ध है तो नागरिकों को क्यों नहीं लगाई जा रही है। और यदि वाकई राज्य के पास वैक्सीन की डोज नहीं है तो राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से कब, कितने डोज की मांग की, या डोज होने के बाद भी राज्य सरकार कोरोना पर केन्द्र सरकार की अव्यवस्था उजागर करने के चलते डोज नहीं होने की बात कह रही है।




