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केन्द्र सरकार खाद देने में नाकाम...

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रायपुर : प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा है कि राज्य के द्वारा मांगे गए 7 लाख 50 हजार मीट्रिक टन रासायनिक खाद में केंद्र के द्वारा 45 प्रतिशत कटौती कर दी थी और अब आगामी खरीफ सीजन में भी नियमित सप्लाई बाधित की जा रही है। रेलवे का रैक नहीं दिया जा रहा है एक तरफ रासायनिक खाद की सप्लाई बाधित कर रहे हैं, दूसरी ओर भ्रम पैदा करके वर्मी कंपोस्ट और जैविक खेती के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। मोदी सरकार ने 35 हजार करोड़ की कटौती की थी। खाद्य सब्सिडी और मनरेगा जैसे लोक कल्याणकारी योजनाओं के बजट में प्रत्येक वर्ष लगभग 25 से 35 प्रतिशत की कटौती की जा रही है लेकिन भाजपा नेता मोदी सरकार के द्वारा लगातार किए जाने वाले उक्त कटौती का आधार पूछने का साहस नहीं जुटा पाए।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि खरीफ 2022 हेतु कुल मांग 13.70 लाख टन जिसका अनुमोदन भारत सरकार द्वारा दिया गया है। इसमें से यूरिया 6.50 लाख टन, डीएपी 3 लाख टन, पोटाष 80000 टन, एनपीके 1.10 लाख टन एवं सुपरफास्फेट 2.30 लाख टन है। माह अप्रैल एवं मई 2022 में राज्य को यूरिया की कुल आपूर्ति 3.29 लाख टन होनी थी लेकिन केवल 2.20 लाख टन यूरिया ही प्राप्त हुआ। यूरिया के वितरण का संपूर्ण नियंत्रण भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय द्वारा किया जाता है। यूरिया की उपलब्धता खरीफ के लक्ष्य के विरूद्ध 62 प्रतिशत है। राज्य में एनपीके की उपलब्धता खरीफ के लक्ष्य के विरूद्ध 30 प्रतिशत, डीएपी की उपलब्धता 39 प्रतिशत पोटाष की उपलब्धता 35 प्रतिशत है। आगामी दिनों में समय पर उर्वरक न मिलने से इनकी कमी हो सकती है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को सहकारी संस्थाओं के माध्यम से अग्रिम उठाव करवाने, पौष मशीन में नियमित एन्ट्री करवाने एवं प्राप्त उर्वरक के तेजी से भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था की जा रही
 



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