CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

छत्तीसगढ़ में विरासत संरक्षण के लिए केंद्र का बड़ा कदम, ₹26.24 करोड़ का आवंटन

छत्तीसगढ़ में विरासत संरक्षण के लिए केंद्र का बड़ा कदम, ₹26.24 करोड़ का आवंटन
Share

 रायपुर - भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्मारकों, किलों और अन्य धरोहर संरचनाओं की पहचान और संरक्षण के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया है और पिछले पाँच वर्षों में इन कार्यों के लिए ₹26.24 करोड़ का आवंटन किया है। यह जानकारी संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

मंत्री ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक छत्तीसगढ़ में गांव-गांव सर्वेक्षण किया। इस दौरान 764 गांवों का सर्वेक्षण हुआ, जिनमें से 73 गांवों में प्राचीन अवशेष पाए गए, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में केंद्र संरक्षित स्मारकों और स्थलों की मरम्मत, संरक्षण और रखरखाव के लिए वर्ष 2020-21 में ₹2.89 करोड़, 2021-22 में ₹4.78 करोड़, 2022-23 में ₹7.50 करोड़, 2023-24 में ₹5.94 करोड़ और 2024-25 में ₹5.13 करोड़ का आवंटन किया। हर वर्ष यह राशि पूरी तरह खर्च की गई।

मंत्रालय ने कहा कि यह पहल देश की मूर्त सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों व स्थलों को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार चलाए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।



Share

Leave a Reply