CG BREAKING: फ्लिपकार्ट को भारी पड़ा एक्सचेंज ऑफर, युवकों ने लगाया लाखों का चूना...
बिलासपुर: फ्लिपकार्ट पर अक्सर एक्सचेंज ऑफर चलते रहते हैं, जिसमे पुराने फोन को एक्सचेंज कर आप नया फोन ले सकते है। पुराने फोन के एवज में कुछ राशि कम हो जाती है। लेकिन न्यायधानी के कुछ शातिर युवकों ने इस ऑफर का फायदा उठाते हुए कंपनी को जमकर चूना लगाया है। दरअसल पुराने फोन का आईएमईआई नंबर बदल कर ये युवक इन्हे महंगे दामों में एक्सचेंज कर नया फोन मंगवाते थे।
ये पूरा मामला थाना सरकंडा क्षेत्र का है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट के लाजिस्टिक कंपनी विली रतनपुर ओडीएच में हब इंचार्ज के पद पर कार्यरत रोशन खान ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि ऑनलाइन शॉपिंग साइट कंपनी फ्लिपकार्ट में एक्सचेंज ऑफर चल रहा है। जिसके तहत ग्राहक अपने पुराने सामान या मोबाइल आदि को ऑफर के तहत बदल कर नए सामान या मोबाइल ले सकते हैं। कंपनी द्वारा ग्राहकों से ऑनलाइन मोबाइल का मॉडल तथा आईएमईआई पूछकर मूल्य का निर्धारण किया जाता है और इसके एवज में नए मोबाइल फोन को कम कीमत पर ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता है।
इस बीच कंपनी को पता चला कि ऑफर के तहत अधिकतर मोबाइल चकरभाटा व पुराना बस स्टैंड के साथ ही रायपुर-भिलाई में अलग-अलग नाम पते एवं मोबाइल नंबर पर डिलीवर हुए हैं। इस तरह से 100 से अधिक मोबाइल फोन डिलीवर उन्हीं क्षेत्र में हुई है। कंपनी को पता चला कि मोबाइल के आईएमईआई गलत है और उनके मॉडल भी अलग हैं। कंपनी के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी की जा रही है। इस पर पुलिस की साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस दौरान पुलिस ने करीब आधा दर्जन संदेहियों को पकड़कर पूछताछ की, तब मुंगेली के रहने वाले मास्टर माइंड दुर्गेश वर्मा व अजय दावड़ा का पता चला। उनके साथ गिरोह के दो अन्य सदस्य भी पकड़े गए हैं। उनके पास से नए पुराने मोबाइल सहित 25 लाख का माल जब्त किया गया है।
पूछताछ में दुर्गेश ने बताया कि वह अलग अलग जगहों से पुराने मोबाइल खरीदकर उन मोबाइल के IMEI को एक सॉफ्टवेयर की मदद से चेंज किया करता था। इसके बाद पुराने मोबाइल में महंगे मोबाइल का आईएमईआई डालकर उसे फिल्पकार्ट एक्सचेंज ऑफर में दे कर महंगे मोबाइल मंगवाता था। आरोपी फ्लिपकार्ट कम्पनी से मंगाए गए मोबाइल को अपने मोबाइल दुकान में कम कीमत पर ग्राहकों को बेच दिया करता था। इन कामों में दुर्गेश का साथ उसके तीनों साथी भी देते थे।
फ्लिपकार्ट के एक्सचेंज ऑफर की जानकारी दुर्गेश को थी। जिसका फायदा उठाने के लिए यह सैमसंग के पुराने स्मार्ट फोन को रायपुर, बिलासपुर, भिलाई के दुकानों से कम दामों मे क्रय करता था तथा पुराने क्रय किए हुए मोबाइल IMEI नम्बरों को परिवर्तित कर उनको मंहगे मोबाइल के IMEI में फिक्स करके फ्लिपकार्ट को एक्सचेंज ऑफर के तहत भेजकर नए मंहगे मोबाइल मंगवाकर उन्हें बेचकर मुनाफा कमाता था।
इस घटना को करने के लिए दुर्गेश व अजय दावड़ा दोनों ने मिलकर आईएमईआई एवं नेटवर्क परिवर्तित करने वाला एक साफ्टवेयर आनलाईन आर्डर के माध्यम से भी मंगवाया था, जिसके माध्यम से वह बिलासपुर, रायपुर, भिलाई जैसे अन्य शहरों से खरीदे गए कम दामों के मोबाइल को कनेक्ट कर तथा मंहगे मोबाइल का IMEI डाल कर उस मोबाइल के IMEI तथा नेटवर्क को रिपेयर कर लेता था। जैसे कि, (पुराना मोबाइल जो यह 2 से 4 हजार में लेता था एसेंबल एवं IMEI परिवर्तित करने पर माडल के अनुसार इसकी मूल्य 15 से 18 हजार हो जाता है तथा नया मोबाइल जिसकी कीमत 30000 रूपये है में 18 हजार कम में इसको 12000 रूपये ही देना पड़ता था और उस मोबाइल को 27-28 हजार में बेच दिया करता था। इस तरह से करीब 100 से अधिक मोबाइल मंगवाकर बेच चुका था।
पुलिस ने चारों आरोपियों के कब्जे से 2 लैपटॉप, 80 नए मोबाइल, 72 पुराने मोबाइल, 25 फ्लिप कवर, 1 मोबाइल चार्जर, 9 सिम कार्ड तथा साफ्टवेयर octa plus drive जब्त किया है।




