CG BREAKING: मशहूर कंपनी के नाम से वेब-पेज बनाकर की लाखों की धोखाधड़ी
रायगढ़: जो मामला सामने आया है वह बेहद चौंकाने वाला है। मशहूर मोबाइल कंपनी वनप्लस की फर्जी आईडी वैब पेज के जरिए बड़ी ठगी की गई। जेके रेस्टोरेंट स्टेशन चौक के संचालक अजय खत्री और विजय खत्री ने बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर वनप्लस मोबाइल का सर्विस सेंटर खोलने की योजना बनाई।
मौजूदा दौर में डिजिटलीकरण के साथ सायबर क्राइम के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। धोखाधड़ी करने वालों ने फर्जी बड़ी-बड़ी कंपनियों के जरिए फेसबुक से लेकर वैब पेज में आईडी लगाकर कई लोगों को चूना लगा रहे हैं। इसी कड़ी में रायगढ़ में एक कारोबारी से फर्जी वनप्लस मोबाइल कंपनी के कस्टमर केयर ने सर्विस सेंटर खोलने के नाम पर 15,20291 रुपए संचालक द्वारा बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए।
जिसके बाद रुपए जैसे ही उनके बैंक अकाउंट से रूपए ट्रांसफर हुए, कारोबारी द्वारा वनप्लस मोबाइल कंपनी के व्यक्ति को फोन करने पर उनका मोबाइल स्विचऑफ मिला, तब संचालक को लगा कहीं ना कहीं हमारे साथ ठगी हुई है। जिसकी जानकारी अपने बड़े भाई विजय खत्री को दी। दोनों भाइयों द्वारा तत्काल सिटी कोतवाली और चक्रधर नगर टीआई को मोबाइल के जरिए इस मामले की जानकारी दी। जहां तेज तर्रार साइबर सेल के कर्मठ और जुझारू पुलिसकर्मी राजेश पटेल को पूरी मामले की जानकारी दी जिसके बाद 15,20291रुपए में से ₹700000 ही होल्ड किए गए। अभी तक केवल फर्जी कस्टमर केयर के नाम पर फ्रॉड कॉल से ज्यादातर ठगी होती थी। कहीं बैंक से फोन के नाम पर एटीएम पिन मांगकर रकम निकाल ली जाती थी। वहीं फ्राड करने का यह मामला शहर के लिए नया है।
यह है पूरा मामला..
रायगढ़ के कारोबारी ने वैब पेज साइड से नंबर निकाल कर कस्टमर केयर से बात की। वहां से उन्हें एक ईमेल आईडी मिला जिसे कंपनी के किसी अधिकारी का होने का दावा किया गया। इस नंबर से संपर्क कर दोनों कारोबारियों ने जरूरी दस्तावेज भेज दिए। सर्विस सेंटर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पहले 15200 रुपए जमा कराए गए। बाद लगभग 15 लाख रुपए जमा करने को कहा गया और एक बैंक एकाउंट दिया गया। एचडीएफसी रायगढ़ ब्रांच से राशि को आरटीजीएस के जरिए जमा कराए गए। जब मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो वह बंद मिला।संदेह होने पर अजय खत्री ने अपने छोटे भाई विजय को लेकिन बैंक भेजकर राशि ट्रांजेक्शन रुकवाया। जबतक 1520291 रुपए में से 7 लाख रुपए ही होल्ड कर पाए जिसके बाद जांच की गई तो पता चला कि एकाउंट पानीपत का है, जबकि वनप्लस का एकाउंट भोपाल में है। इस सोशल वैब पेज नेटवर्किंग वाले खेल में कई लोग पहले से ही ठगी के शिकार हो गए।




