BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

CG- ट्रेन हादसे में बड़ा खुलासा, इस वजह से मालगाड़ी में जा भिड़ी पैसेंजर ट्रेन, मामले में पहली FIR दर्ज

CG- ट्रेन हादसे में बड़ा खुलासा, इस वजह से मालगाड़ी में जा भिड़ी पैसेंजर ट्रेन, मामले में पहली FIR दर्ज
Share

 बिलासपुर। बिलासपुर के लाल खदान स्टेशन के पास हुए भीषण रेल हादसे की कई स्तरों पर जांच शुरू हो गई है। मामले में रेलवे की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है। खुलासे में यह बात सामने आई है कि ट्रेन को गलत सिग्नल वाली लाइन पर चलाया गया, जिससे यह हादसा हुआ। पैसेंजर ट्रेन के मृत चालक पर जुर्म दर्ज किया गया है। असिस्टेंट चालक की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।

ट्रेन के मृत चालक विद्या सागर के खिलाफ स्टेशन अधीक्षक निखलेश विठालकर ने तोरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। तोरवा थाना पुलिस ने ट्रेन चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 ए, 125 एवं रेलवे एक्ट की धारा 153, 154, 175 के तहत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि 4 नवंबर को लालखदान क्षेत्र में रेल हादसा हुआ था जिसमें अभी तक अधिकृत तौर पर 11 यात्रियों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 20 घायलों का इलाज जारी है।

ट्रेन हादसे से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। ट्रेन हादसे के पीछे कई महत्वपूर्ण तथ्य रेल अधिकारियों के डाटा-बॉक्स के माध्यम से उजागर हुए हैं। हादसे के समय मेमू ट्रेन 76 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी। ट्रेन के लोको पायलट ने हादसे से पहले इमरजेंसी ब्रेक लगाया जिससे ट्रेन की रफ्तार कम हुई और बड़ा हादसा टल गया। रेल अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन ने 48 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से मालगाड़ी को टक्कर मारी। यदि लोको पायलट ने समय रहते ब्रेक नहीं लगाया होता तो यह दुर्घटना और भी गंभीर हो सकती थी। हादसे के डाटा-बॉक्स की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि लोको पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया ने यात्रियों और माल दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की।



Share

Leave a Reply