CG NEWS : पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान ने पहली बार की पत्रकारों से चर्चा, जानिये उन्होने चर्चा मे क्या कहा ?
भिलाई : अंतर्राष्ट्रय क्रिकेटर राजेश चौहान ने भी राजनीति का दामन थामने के बाद आज पहली बार वे पत्रकारों से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होनें पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रोफेशनल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष क्षितिज चंद्राकर जो कि सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं। उनसे मैं काफी प्रभावित हूं। वह काफी सुलझे हुए गुड पर्सनालिटी पर्सन के साथ ही उच्च शिक्षित युवा है। गत दिवस आल इंडिया प्रोफशन कांग्रेस की इस्ट जोन कोआडिनेटर सुश्री जरिता लेफ्टिलोंग के समक्ष मेरा प्रोफेशनल कांग्रेस में प्रवेश हुआ। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल की भी सोच छत्तीसगढ महतारी के साथ साथ युवाओं को आगे बढाने की उनकी अच्छी सोच है। इसी कड़ी में उनके द्वारा छत्तीसगढ के तमाम जिलों में स्वामी आत्मानंद इंग्लिस मीडियम स्कूलों की शुरूआत अमीरी गरीबी की खाई को दूर करने का कार्य किया। उनके इस कदम से शहरी बेल्ट सहित आदिवासी अंचल के गरीब छात्रों को भी शिक्षा का बेहतर लाभ मिलेगा। लेकिन शिक्षा के साथ साथ इन स्कूलों में स्पोर्टस एक्टिविटी को बढावा देने के लिए मैँ उनको सुझाव दूंगा। इसके साथ ही छग के बस्तर क्षेत्र व सरगुजा संभाग में ख्ेाल के क्षेत्र में युवक युवतियों में खेल के प्रति अलग ही लगाव है लेकिन सही संसाधन व जानकारी के अभाव के कारण उनकी प्रतिभा बाहर नही आ पा रही है। अब मैं क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी आगे लाने का पूरा प्रयास करूंगा ताकि प्रतिभावान खिलाड़ी देश व राज्य का नाम रौशन का आलंम्पिक व नेशलन तथा इंटरनेशल, एशियन चैम्पियनशिप में बच्चे भाग लेकर मेडल लोकर अपने देश सहित प्रदेश का नाम रौशन करे। केन्द्र सरकार खेल के क्षेत्र में एक पॉलिसी बना रही है जिसमें महिलाओं को अधिक से अधिक रोजगार देना है। इसका भी सुझाव मेरे द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को दिया जायेगा। क्रिकेट के बाद मैं अब राजनीति क्षेत्र में कदम रखा हूं। जल्द ही प्रोफेशनल कांग्रेस की बैठक मेे अपने बेहरत सुझाव रखूंगा। अत्यधिक ठंढ वाले क्षेत्रों मे ंबच्चे, महिलाओं और पुरूशों को नि:शुल्क स्वेटर वितरण भी मेरे द्वारा प्रेाफेशनल कांग्रेस के बेनर तले कराया जायेगा। मेरी सोच है कि मैं समाज को कुछ रिटर्न कर सकूं। मुझे आगे बढाने में मीडिया का बहुत बड़ा योगदान है। मीडिया के कांफिडेंस के दम पर ही मैं चलता हूं। गलती मेरे से भी हो सकती है। बीएसपी से मैने तीन वर्ष पहले व्हीआर ले लिया। उसके अनुभव के क्षेत्र का भी लाभ मैं छत्तीसगढ के युवाओं को दूंगा। खेल के क्षेत्र में छग को नई दिशा देना ही मकसद है। राज्य को यदि हम डेव्हलप नही कर सके तो ये हमारी कमी है।
इस अवसर पर मंजीत निरंकारी, प्रोफसनल कांग्रेस दुर्ग चेप्टर के अध्यक्ष भूवनेश कुमार साहू पृथ्वीराज चंद्राकर , रमेश पटेल, मोहम्मद एजाज,ममता सिंह, दुर्ग की छाया पार्शद शबाना मेडम भी मोैजूद थी।
राजेश चौहान को कांग्रेस की रीति नीति से प्रभावित कर छत्तीसगढ प्रोफेशनल कांग्रेस ने उन्हें अपने पार्टी में प्रवेश कराकर अपनी पार्टी की पैठ मजबूत करने की कोशिश वहीं राजेश चौहान भी कांग्रेस से जुडकर लोगों की कांग्रेस की जनकल्याणकारी योजनाओं और उसकी नीतियों को बताने का कार्य करेंगे। श्री चौहान ने कांग्रेंस को और मजबूत करने के लिए कमर कस लिया है। राजेश चौहान को कांग्रेस प्रवेश कराकर प्राफेशनल कांग्रेस जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व केबिनेट मंत्री एवं सांसद शशि थरूर व प्रदेश अध्यक्ष क्षितिज चंद्राकर और दुर्ग चेप्टर के अध्यक्ष भूवनेश कुमार साहू एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस को और मजबूत करने का कार्य किया है। राजेश चौहान के कांग्रेस प्रवेश से कांग्रेस को कितना लाभ मिलेगा यह अभी समय के गर्भ में है। पूर्व क्रिकेटर सिद्धू ने राहुल प्रियंका और सोनिया गांधी पर भरोसा करके कांग्रेस पार्टी को पंजाब में मजबूत बनाने का कार्य किया है। उसी तर्ज पर छग में भी राजेश चौहान अपने क्रिकेट के हुनर के साथ साथ अब राजनीति की हुनर में अपना चौका छक्का लगाने का कार्य करेंगे। उन्होंने छग के दुर्ग जिले को देश और विदेशों के पटल पर क्रिकेट के क्षेत्र में जहां एक ओर पहुंचाया है वही दूसरी ओर अब सिद्धू की तर्ज पर राजेश चौहान कांग्रेस के राजनीतिक गलियारों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाकर कांग्रेस पार्टी को और मजबूत करने का कार्य करेंगे। उनके क्रिकेट के टैलेंट के छग के युवा आज भी उनके फैन है। उनके कई क्रिकेट से संबंधित किस्से दुर्ग भिलाई के युवाओं की जुबान पर है।
राजेश चौहान छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले हैं। उन्होंने 1993 से 1998 तक 21 टेस्ट और 35 एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले। 90 के दशक में कुंबले-राजू-चौहान की भारतीय स्पिन तिकड़ी का हिस्सा थे।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान का जन्म 19 दिसंबर 1966 को रांची, बिहार में हुआ है। इन्होंने 1993 से 1998 तक 21 टेस्ट और 35 एकदिवसीय मैच खेले। वह कुंबले (लेग ब्रेक) -राजू (बाएं हाथ) की भारतीय स्पिन तिकड़ी का हिस्सा थे। भारत ने उन 21 टेस्टों में से कोई भी नहीं खोया जिसमें उन्होंने खेला था। वह रिकॉर्ड, जिसके लिए उन्हें शायद 1997 में कराची में सकलैन मुश्ताक के अपने आखिरी ओवर के छक्के के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ भारत के लिए चार विकेट की जीत को सील कर दिया। अप्रैल 2007 में वह एक कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके पैर, पीठ, हाथ और सिर पर चोट के साथ-साथ कई फ्रैक्चर हुए। राजेश चौहान कल्याण कालेज में एक क्रिकेट अकादमी भी चलाकर कर युवा क्रिकेटरों को तराशने का कार्य कर रहे है ताकि वे भी क्रिकेट की दुनिया में भिलाई का नाम रौशन कर सके। वह वर्तमान में भिलाई-छत्तीसगढ़ में एक व्यवसाय भी चला रहे है। श्री चौहान भिलाई स्टील प्लांट में पीआरओ के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता गोविंद राजा चौहान, जो रांची में रहते थे, भी एक क्रिकेटर थे और 1957 में रणजी ट्रॉफी और 1964 में दलीप ट्रॉफी खेल चुके थे। उनका पुश्तैनी गाँव कच्छ में विडी है और वह एक छोटे से समुदाय से हैं।




