CG NEWS : सूदखोरों ने पैसे नहीं मिलने पर युवक को घर से निकालकर बेदम पीटा
जगदलपुर : जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंर्तगत धरमपुरा कालीपुर अटल आवास निवासी तनवीर ने एक सूदखोर से 15 हजार रुपये ब्याज पर लिया था। किन्तु अब सूदखोरों के द्वारा ब्याज जोड़कर 30 हजार की मांग किये जाने पर युवक नहीं चुका पा रहा था। सूदखोरों के द्वारा गुरूवार को रात 10 बजे तनवीर के घर पैसे की उगाही करने पंहुचे थे। सूदखोंरो ने जितनी रकम की मांग की उतनी रकम नही देने पर मारपीट किया गया जिससे युवक का चश्मा टूटकर कांच उसकी आंख में जा घुसा जिससे उसकी आंख बुरी तरह से खराब हो गई है। डीमरापाल में भर्ती पीडि़त युवक को डाक्टर ने रायपुर रेफर कर दिया है।
पीडि़त के परिजनों ने बताया कि गुरुवार की रात कुछ सूदखोर आये थे जिन्होंने मेरे पति पर पैसे नही देने का आरोप लगाते हुए मारपीट करने लगे जिससे उनकी आंख में काफी चोट आई है। उन्होने कहा कि हमने पुलिस को सूचना दे दी है, इस घटना की शिकायत के तीन दिन बाद भी पुलिस की कार्यवाही होती नजर नही आ रही है।
उल्लेखनिय है कि बस्तर जिला अनुसूचित क्षेत्र होने के कारण यहां पर ब्याज पर राशि देने के लिए लाईसेंस भी जारी नही किया जाता है, अर्थात बस्तर संभाग में कानूनन सूदखोरी का काम पूर्णत: वर्जित है। बावजूद इसके बस्तर के शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक प्राईवेट फाइनेंस कंपनी से लेकर शहर के कई रसूकदार सहित सैकड़ों की संख्या में लोग इस अवैध सूदखोरी के व्यापार से जुड़े हुए हैं। जगदलपुर में सूदखोरी का धंधा बेरोकटोक धड़ल्ले से चल रहा है।
सूदखोरों के चंगुल में फंसने के बाद कम ही कर्जदार उनके जंजाल से बाहर आ पाते हैं। सूदखोर रकम और ब्याज की वसूली के नाम पर कर्जदार को जमकर लूटते हैं। कई बार तो ब्याज इतना ज्यादा हो जाता है कि कर्जदार का जेवर, मकान, प्लाट तक सूदखोर हथिया लेते हैं। यदि सूदखोरी के अवैध धंधे में लिप्त लोगों पर अंकुश नही लगाया गया तो आने वाले दिनों में इससे पीडि़तों के कई गंभीर मामले देखने के लिए मिलेंगे। कई आत्महत्या के मामले को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा हैं, यह जांच का विषय हो सकता है।




